
Oh Bhawe pathraan warge ne
asin rabb bnai baithe haan
oh dilton lahi baithe ne
asin tanvi dil te lai baithe haan

Oh Bhawe pathraan warge ne
asin rabb bnai baithe haan
oh dilton lahi baithe ne
asin tanvi dil te lai baithe haan
ਅੱਜ ਐਸਾ ਕਾ hogiaa janab ki chand ਇਤਨੀ ਜਲਦੀ ਨਿਕਲ ਆਇਆ,
ਜਿਸ ਕੋ mene aapni dil ki bat ਬਤਾਈ ਉਸ ਕਾ koi ਵੀ jabab ਨਹੀਂ ਆਇਆ
मान लिखूँ सम्मान लिखूँ मैं।
आशय और बखान लिखूं मैं।
जिस नारी पर दुनिया आश्रित,
उसका ही बलिदान लिखूँ मैं।।
जीवन ऐसी बहती धारा,
जिसका प्यासा स्वयं किनारा,
पत्थर पत्थर अश्क उकेरे,
अधरों पर मुस्कान लिखूँ मैं।
मान——
कोमल है कमज़ोर नहीं है,
नारी है यह डोर नहीं है,
मनमर्ज़ी इसके संग करले
इतना कब आसान लिखूँ मैं
मान—-
बेटा हो या बेटी प्यारी,
जन्म सभी को देती नारी,
इसका अन्तस् पुलकित कोमल
इसके भी अरमान लिखूँ मैं
मान—-
हिम्मत से तक़दीर बदल दे,
मुस्कानों में पीर बदल दे,
प्रेम आस विश्वास की मूरत,
शब्द शब्द गुणगान लिखूँ मैं
मान——