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DIL TE LIKHIYEA JO || Never faded love status

dil te likhiyaa jo ohda naam, oh kade nio mitnaa
jind muk jawegi ik din, ho javegi sawah
par vekhi tu, tera naam nio mitna

ਦਿਲ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਜੋ ਉਹਦਾ ਨਾਮ, ਉਹ ਕਦੇ ਨਿਓ ਮਿਟਣਾ
ਜਿੰਦ ਮੁਕਜਾਵੇਗੀ ਇਕ ਦਿਨ, ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਸਵਾਹ
ਪਰ ਵੇਖੀ ਤੂੰ, ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਨਿਓ ਮਿਟਣਾ

Title: DIL TE LIKHIYEA JO || Never faded love status

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


बेटियाँ /बेटी पर कविता || betiya || hindi poetry on daughters

रिश्तों की एक खूबसूरत एहसास होती हैं बेटियाँ
घर की रौनक, उदासियों में खिलखिलाहट
अंधियारे में उजियारा होती हैं बेटियाँ..
जीवन डगर की बेशकीमती सौगात होती हैं ये बेटियाँ।
 
निश्छल मन के भावों से ओतप्रोत
चिलचिलाती धूप में भी शीतल छांव होती हैं बेटियाँ
उम्र के हर पड़ाव में, हर सुख-दुख में,
माता-पिता की परछाई होती हैं ये बेटियाँ।
 
जग कहे पराया धन बेटी को
पर इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह
कभी मां, कभी बहन..
ना जाने कितने रिश्तों में बंध जाती हैं ये बेटियाँ।
 
जब हर रिश्ते साथ छोड़ जाते हैं
तब पूर्ण समर्पण से अडिग साथ खड़ी रहती हैं ये  बेटियाँ
मां की ममता में पली,पिता के गर्व में लिपटी
स्वर्ग से उतरी परी होती हैं ये बेटियाँ।
 
परिवार को एक डोर में पिरोकर रखती हैं ये बेटियाँ
कम नहीं ये किसी से..
यूं समझ लो – बेमिसाल होती हैं बेटियाँ
रिश्तों की एक खूबसूरत एहसास होती हैं बेटियाँ।।

Title: बेटियाँ /बेटी पर कविता || betiya || hindi poetry on daughters


Kal aajh kal || akbar birbal kahani

एक दिन बादशाह अकबर ने ऐलान किया कि जो भी मेरे सवालों का सही जवाब देगा उसे भारी ईनाम दिया जाएगा। सवाल कुछ इस प्रकार से थे-

  1. ऐसा क्या है जो आज भी है और कल भी रहेगा ?
  2. ऐसा क्या है जो आज भी नहीं है और कल भी नहीं होगा ?
  3. ऐसा क्या है जो आज तो है लेकिन कल नहीं होगा ?

इन तीनों सवालों के उदाहरण भी देने थे।

किसी को भी चतुराई भरे इन तीनों सवालों का जवाब नहीं सूझ रहा था। तभी बीरबल बोला, ‘‘हुजूर ! आपके सवालों का जवाब मैं दे सकता हूं, लेकिन इसके लिए आपको मेरे साथ शहर का दौरा करना होगा। तभी आपके सवाल सही ढंग से हल हो पाएंगे।’’

अकबर और बीरबल ने वेश बदला और सूफियों का बाना पहनकर निकल पड़े। कुछ ही देर बाद वे बाजार में खड़े थे। फिर दोनों एक दुकान में घुस गए। बीरबल ने दुकानदार से कहा, ‘‘हमें बच्चों की पढ़ाई के लिए मदरसा बनाना है, तुम हमें इसके लिए हजार रुपये दे दो।’’ जब दुकानदार ने अपने मुनीम से कहा कि इन्हें एक हजार रुपये दे दो तो बीरबल बोला, जब मैं तुमसे रुपये ले रहा हूंगा तो तुम्हारे सिर पर जूता मारूंगा। हर एक रुपये के पीछे एक जूता पड़ेगा। बोलो, तैयार हो ?’’

यह सुनते ही दुकानदार के नौकर का पारा चढ़ गया और वह बीरबल से दो-दो हाथ करने आगे बढ़ आया। लेकिन दुकानदार ने नौकर को शांत करते हुए कहा, ‘‘मैं तैयार हूँ, लेकिन मेरी एक शर्त है। मुझे विश्वास दिलाना होगा कि मेरा पैसा इसी नेक काम पर खर्च होगा।’’

ऐसा कहते हुए दुकानदार ने सिर झुका दिया और बीरबल से बोला कि जूता मारना शुरू करें। तब बीरबल व अकबर बिना कुछ कहे-सुने दुकान से बाहर निकल आए।

दोनों चुपचाप चले जा रहे थे कि तभी बीरबल ने मौन तोड़ा, ‘‘बंदापरवर ! दुकान में जो कुछ हुआ उसका मतलब है कि दुकानदार के पास आज पैसा है और उस पैसे को नेक कामों में लगाने की नीयत भी, जो उसे आने वाले कल (भविष्य) में नाम देगी। इसका एक मतलब यह भी है कि अपने नेक कामों से वह जन्नत में अपनी जगह पक्की कर लेगा। आप इसे यूं भी कह सकते हैं कि जो कुछ उसके पास आज है, कल भी उसके साथ होगा। यह आपके पहले सवाल का जवाब है।’’

फिर वे चलते हुए एक भिखारी के पास पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक आदमी उसे कुछ खाने को दे रहा है और वह खाने का सामान उस भिखारी की जरूरत से कहीं ज्यादा है। तब बीरबल उस भिखारी से बोला, ‘‘हम भूखे हैं, कुछ हमें भी दे दो खाने को।’’

यह सुनकर भिखारी बरस पड़ा, ‘‘भागो यहां से। जाने कहां से आ जाते हैं मांगने।’’

तब बीरबल बादशाह से बोला, ‘‘यह रहा हुजूर आपके दूसरे सवाल का जवाब। यह भिखारी ईश्वर को खुश करना नहीं जानता। इसका मतलब यह है कि जो कुछ इसके पास आज है, वो कल नहीं होगा।’’

दोनों फिर आगे बढ़ गए। उन्होंने देखा कि एक तपस्वी पेड़ के नीचे तपस्या कर रहा है। बीरबल ने पास जाकर उसके सामने कुछ पैसे रखे। तब वह तपस्वी बोला, ‘‘इसे हटाओ यहां से। मेरे लिए यह बेईमानी से पाया गया पैसा है। ऐसा पैसा मुझे नहीं चाहिए।’’

अब बीरबल बोला, ‘‘हुजूर ! इसका मतलब यह हुआ कि अभी तो नहीं है लेकिन बाद में हो सकता है। आज यह तपस्वी सभी सुखों को नकार रहा है। लेकिन कल यही सब सुख इसके पास होंगे।’’

‘‘और हुजूर ! चौथी मिसाल आप खुद हैं। पिछले जन्म में आपने शुभ कर्म किए थे जो यह जीवन आप शानो-शौकत के साथ बिता रहे हैं, किसी चीज की कोई कमी नहीं। यदि आपने इसी तरह ईमानदारी और न्यायप्रियता से राज करना जारी रखा तो कोई कारण नहीं कि यह सब कुछ कल भी आपके पास न हो। लेकिन यह न भूलें कि यदि आप राह भटक गए तो कुछ साथ नहीं रहेगा।’’

अपने सवालों के बुद्धिमत्तापूर्ण चतुराई भरे जवाब सुनकर बादशाह अकबर बेहद खुश हुए।

Title: Kal aajh kal || akbar birbal kahani