Oh ruseyaa jinni vari har vaar maneya me
palkan ute bitha k dildar baneya me
ਉਹ ਰੁਸਿਆ ਜਿੰਨੀ ਵਾਰੀ ਹਰ ਵਾਰ ਮਨਾਇਆ ਮੈਂ
ਪਲਕਾਂ ਉਤੇ ਬਿਠਾ ਕੇ ਦਿਲਦਾਰ ਬਣਾਇਆ ਮੈਂ
Oh ruseyaa jinni vari har vaar maneya me
palkan ute bitha k dildar baneya me
ਉਹ ਰੁਸਿਆ ਜਿੰਨੀ ਵਾਰੀ ਹਰ ਵਾਰ ਮਨਾਇਆ ਮੈਂ
ਪਲਕਾਂ ਉਤੇ ਬਿਠਾ ਕੇ ਦਿਲਦਾਰ ਬਣਾਇਆ ਮੈਂ

उसकी वो मासूम सी आंखें, कभी-कभी मुझे झूठी सी लगती हैं..
उसकी वो सोच कर बनाई हुई बातें, अक्सर मुझे टूटी सी लगती हैं..
कभी मेरी नाराज़गी पर मुस्कुराती है, कभी प्यार पर रूठी सी लगती है..
कभी उसकी मामूली से हरकत भी मुझे, अनूठी सी लगती है..
कभी उसकी झुकी पलकों में इश्क होता है, कभी उठी सी लगती हैं..
उसके प्यार पर शक नहीं मुझे, फिर भी ना जाने क्यूं, झूठी सी लगती है..
heart rated 💔