Do din ki zindagani hai,
Phir bhi isme jeena hamari bezubani hai.
Do din ki zindagani hai,
Phir bhi isme jeena hamari bezubani hai.
Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
ऐ दोस्त तू मेरी धड़कन में बसा है
तेरी यारी से ही मैंने
लाइफ को पहचाना है.!!
वो बचपन के खेल बड़े ही सुहाने होते है
जब सच्चे यार ही अपने दीवाने होते है.!!
ए दोस्त तू इस जग में सबसे प्यारा है
तेरी दोस्ती से ही मेरी
जिंदगी में उजियारा है.!!
जो बर्बाद ना कर दे वो शौक कैसा
जो बर्बाद होकर भी
साथ ना दे वो दोस्त कैसा..!!
ये मेरे दिल का किस्सा
भी बड़ा अजीब है जो
दोस्त दिल के सबसे
करीब है वही हमसे दूर है..!