Do Shabd Tasalli Ke Nahi Milte Iss Shahar Mein,
Log Dil Mein Dimaag Liye Firte Hain.
दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं।
Enjoy Every Movement of life!
Do Shabd Tasalli Ke Nahi Milte Iss Shahar Mein,
Log Dil Mein Dimaag Liye Firte Hain.
दो शब्द तसल्ली के नहीं मिलते इस शहर में,
लोग दिल में भी दिमाग लिए फिरते हैं।

सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...