Khushnasib haan mein
Jo tu door ho ke vi har waqt mere kol rehnda e..!!
ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਜੋ ਤੂੰ ਦੂਰ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਹਰ ਵਕਤ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਰਹਿੰਦਾ ਏ..!!
Khushnasib haan mein
Jo tu door ho ke vi har waqt mere kol rehnda e..!!
ਖੁਸ਼ਨਸੀਬ ਹਾਂ ਮੈਂ
ਜੋ ਤੂੰ ਦੂਰ ਹੋ ਕੇ ਵੀ ਹਰ ਵਕਤ ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਰਹਿੰਦਾ ਏ..!!
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी
इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं