Skip to content

Door se hi hath hila kar || hindi shayari

दूर से ही हाथ हिला के चला जाऊंगा।
मैं तुमसे नजरे मिला के चला जाऊंगा।

नजरअंदाज कर देना ज़माने की तरह तुम भी,
नशे में हूं चिल्लाऊंगा चिल्ला के चला जाऊंगा।

हर वजह खत्म कर दूंगा मैं अपने लौटने की,
मत सोचना कि उम्मीद दिला के चला जाऊंगा।

मिटा दूंगा हर एक निशानी मोहब्बत की,
मैं अपना आशियाना जला के चला जाऊंगा।

जिसकी खुशबू से महक उठे सारा जमाना,
मैं वो फूल चमन में, खिला के चला जाऊंगा।

याद रखो न रखो, फ़ैसला तुम्हारा है “शिवम”
मैं इक बार चेहरा, दिखला के चला जाऊंगा।
❀❀❀❀❀❀❀❀❀❀❀❀❀❀❀

Title: Door se hi hath hila kar || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Haaseyan de vich muskawe || Punjabi love shayari || ghaint status

Punjabi love shayari || Dass sajjna tu menu ki kareya e
Jo mere haaseyan de vich muskawe..!!!
Esa rog akhiyan nu ki la gaya e
Ke hun tu hi tu nazar aawe..!!
Dass sajjna tu menu ki kareya e
Jo mere haaseyan de vich muskawe..!!!
Esa rog akhiyan nu ki la gaya e
Ke hun tu hi tu nazar aawe..!!

Title: Haaseyan de vich muskawe || Punjabi love shayari || ghaint status


धरती सारी

दरवाज़ा किसी के जीवन में

ख़ुद को समझ लें

उस ग़ुरूर से बचाना ईश्वर

कि बंद करने को

कुछ रहे पास

दीवार ही सही

कमर टिकाई हो जिस पर

कभी किसी कमज़ोर पल

उस पर थूक सकने की

जहालत से भी बचाना

पर वह साहस ज़रूर देना

जो मुँह से बाहर निकलते दिल को पकड़ सके

सँभाल सके और कह सके

कि जो पाया उसे लौटाने से ज़्यादा ज़रूरी है

उस भूमिका को सँभालना जो हम निभाते हैं

अपने या किसी और के जीवन में

माफ़ कर सकें उनसे ज़्यादा खुद को

याद रख सकें बस इतना

कि विश्व के सबसे अलोकप्रिय लोगों ने बख़्शी जान हमें

उन्हें सबने नज़रंदाज़ किया

उनके पैरों में सारे आँसू वार दें

उनकी हथेली में बिखेर सकें सारी हँसी

जब कह देना ही सब कुछ हो

चुप रह सकें उस वक़्त

कड़वी बात को यूँ ज़ब्त कर लें

नाख़ूनों में भर लें

खुरचकर धरती सारी।

Title: धरती सारी