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Door se hi hath hila kar || hindi shayari

दूर से ही हाथ हिला के चला जाऊंगा।
मैं तुमसे नजरे मिला के चला जाऊंगा।

नजरअंदाज कर देना ज़माने की तरह तुम भी,
नशे में हूं चिल्लाऊंगा चिल्ला के चला जाऊंगा।

हर वजह खत्म कर दूंगा मैं अपने लौटने की,
मत सोचना कि उम्मीद दिला के चला जाऊंगा।

मिटा दूंगा हर एक निशानी मोहब्बत की,
मैं अपना आशियाना जला के चला जाऊंगा।

जिसकी खुशबू से महक उठे सारा जमाना,
मैं वो फूल चमन में, खिला के चला जाऊंगा।

याद रखो न रखो, फ़ैसला तुम्हारा है “शिवम”
मैं इक बार चेहरा, दिखला के चला जाऊंगा।
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Title: Door se hi hath hila kar || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Apologize || English quotes || true lines

Apologize quotes || i can respect any person who can put their ego aside and say, I made a mistake I apologize and I am correcting the behaviour ✨
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Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry

बचपन ब़ीत गया लडकपन मे,
ज़वानी बीत रहीं घर बनानें मे,
ज़ंगल सी हो गयी हैं जिन्दगी,
हर कोईं दौड रहा आन्धी के गुबार मे।
 
हर रोज़ नईं भोर होती,
पर नही ब़दलता जिन्दगी का ताना ब़ाना,
सब कर रहें है अपनीं मनमानी,
लेक़िन जी नही रहें अपनी जिन्दगानी।
 
कोईं पास बुलाये तो डर लग़ता हैं,
कैंसी हो गईं हैं यह दुनियां बेईंमानी,
सफ़र चल रहा हैं जिन्दा हू कि पता नही,
रोज लड रहा हू चन्द सासे ज़ीने के लिये।               

मिल नही रहा हैं कोई ठिकाना,
जहा दो पल सर टिक़ाऊ,
ऐसें सो जाऊ की सपनो में ख़ो जाऊ,
बचपन की गलियो में खो जाऊ।
 
वो बेंर मीठें तोड लाऊ,
सूख़ गया जो तालाब उसमे फ़िर से तैंर आऊ,
मां की लोरीं फिर से सुन आऊ,
भूल जाऊ जिन्दगी का यें ताना बाना।
 
देर सवेंर फ़िर से भोर हो गईं,
रातो की नीद फ़िर से उड गईं,
देख़ा था जो सपना वो छम सें चूर हो ग़या,
जिन्दगी का सफ़र फिर से शुरू हों गया।               

आंखो का पानी सूख़ गया,
चेहरें का नूर कही उड सा गया,
अब जिन्दगी से एक़ ही तमन्ना,
सो जाऊ फ़िर से उन सपनो की दुनियां मे।

Title: Bachpan Beet Gaya – Hindi Kavita on Life || zindagi Bachpan poetry