Aksar Lok pyar di aadh vich aa ke
Ikk change dost nu vi khoh bethde ne..!!
ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ
ਇੱਕ ਚੰਗੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਬੈਠਦੇ ਨੇ..!!
Aksar Lok pyar di aadh vich aa ke
Ikk change dost nu vi khoh bethde ne..!!
ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ
ਇੱਕ ਚੰਗੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਬੈਠਦੇ ਨੇ..!!
Koi dushman nhi yaar varga
Koi marz nhi pyar varga
Har kise de agge dil nu na froli tu
Kise de bgair tera dil nhi lagda e
Eh kade kise nu na boli tu 😊
ਕੋਈ ਦੁਸ਼ਮਨ ਨਹੀਂ ਯਾਰ ਵਰਗਾ
ਕੋਈ ਮਰਜ਼ ਨਹੀਂ ਪਿਆਰ ਵਰਗਾ
ਹਰ ਕਿਸੇ ਦੇ ਅੱਗੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਨਾ ਫਰੋਲੀ ਤੂੰ
ਕਿਸੇ ਦੇ ਬਗੈਰ ਤੇਰਾ ਦਿਲ ਨਹੀਂ ਲਗਦਾ ਏ
ਇਹ ਕਦੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਨਾ ਬੋਲੀ ਤੂੰ😊
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।