Aksar Lok pyar di aadh vich aa ke
Ikk change dost nu vi khoh bethde ne..!!
ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ
ਇੱਕ ਚੰਗੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਬੈਠਦੇ ਨੇ..!!
Aksar Lok pyar di aadh vich aa ke
Ikk change dost nu vi khoh bethde ne..!!
ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ
ਇੱਕ ਚੰਗੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਬੈਠਦੇ ਨੇ..!!
इक झील मिली है, एक झरने के बाद
बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद
ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको
वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद
फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं
अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद
मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे
ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद
अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी
हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद
मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो
लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद
के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो
मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद
kuchh is tarah se vafa kee misaal deta hu,
savaal karata hai koee to taal deta hu,
usee se khaata hoon aksar phareb manjil ka,
main jisake paanv se kaanta nikaal deta hu…
कुछ इस तरह से वफ़ा की मिसाल देता हु,
सवाल करता है कोई तो टाल देता हु,
उसी से खाता हूँ अक्सर फरेब मंजिल का,
मैं जिसके पाँव से काँटा निकाल देता हु…