बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
Chalane wale hathon se patwar, choot jaya karti hai..
Aschi se aschi kashtiyan bhi lehron mein, toot jaya karti hai..
Kisi taraf kinara dikhayi nahi deta..
Jab kismat sath na de, aur takdeer rooth jaya karti hai..💔
चलाने वाले हाथों से पतवार, छूट जाया करती है..
अच्छी से अच्छी कश्तियां भी लैहरों में, टूट जाया करती हैं..
किसी तरफ़ किनारा दिखाई नहीं देता..
जब किस्मत साथ ना दे, और तकदीर रूठ जाया करती है..💔
rukhasat hue teree galee se ham aaj kuchh is kadar,
logo ke muh pe raam naam tha,
aur mere dil mein bas tera naam tha…
रुखसत हुए तेरी गली से हम आज कुछ इस कदर,
लोगो के मुह पे राम नाम था,
और मेरे दिल में बस तेरा नाम था…