बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
Enjoy Every Movement of life!
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
Patharo se pyar kiya kyunki nadan the hum 🙃
Galti hui kyunki insan the hum 🙂
Aaj jinhe humse nazre milane mein takleef hoti hai 😶
Kal usi insan ki jaan the hum 💔
पत्थरों से प्यार किया क्योंकि नादान थे हम, 🙃
गलती हुई क्योंकि इंसान थे हम, 🙂
आज जिन्हें हमसे नजरे मिलाने में तकलीफ होती है, 😶
कल उसी इंसान की जान थे हम।💔
