बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
Enjoy Every Movement of life!
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
raat saaree tadapate rahenge ham,
ab…aaj phir khat tere padh lie shaam ko…
रात सारी तड़पते रहेंगे हम,
अब…आज फिर ख़त तेरे पढ़ लिए शाम को…
