बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.

Jhalle jehe haan sathon dass vi nhi hona
Utto judaai da dard v Hun seh nahi hunda..!!
Akhan chon padhle pyar mera sajjna
lafzaan ch sathon hun keh nahi hunda..!!
ਝੱਲੇ ਜਿਹੇ ਹਾਂ ਸਾਥੋਂ ਦੱਸ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣਾ
ਉੱਤੋਂ ਜੁਦਾਈ ਦਾ ਦਰਦ ਵੀ ਹੁਣ ਸਹਿ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ..!!
ਅੱਖਾਂ ਚੋਂ ਪੜ੍ਹ ਲੈ ਪਿਆਰ ਮੇਰਾ ਸੱਜਣਾ
ਲਫ਼ਜ਼ਾਂ ‘ਚ ਸਾਥੋਂ ਹੁਣ ਕਹਿ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ..!!