Skip to content

Dosti shayari || School Shayari in hindi

बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.

ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.

Title: Dosti shayari || School Shayari in hindi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mere dost || hindi poetry on dost

मैं ना जानू दोस्त तेरे दूर हो जाने के बाद,
यह जिंदगी कैसे जंग बन गई है।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
यह गांव की गलियां कैसे सुनी हो गई है।

मैंने जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
वो खेल का मैदान अब सुना लगता है।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
कैसे फूल जैसी जिंदगी पत्थर बन गई है।

खुद को मनाने की कोशिश करता हूं बहुत,
लेकिन क्या करूं दिल है कि मानता ही नहीं।

मैं ना जानू दोस्त तेरी दूर हो जाने के बाद,
मेरे चेहरे की हंसी कहां गुम हो गई।

मैं ना जानू दोस्त तेरे जाने के बाद,
बाजारों की रौनक भी फीकी लगती है।

तू कब आएगा मेरे भाई मेरे दोस्त,
तेरे को हर दिन गले लगाने का मन करता है।

Title: Mere dost || hindi poetry on dost


Intezaar tera || Punjabi shayari

Swere uth likhda haan shayari
Tere khayalan ton bgair koi khayal ni
Mohobbat ch edda hi sabhnu lagda e?
Jive menu lagda har ek pal saal ni
Fer din ch kyi vaar zikar tera aunda e
Tenu parwah nhi meri eh khayal aunda e
Nindra udd gyian khulli akhan ch supne tere
Kde nikal supneya cho sahmne vi taan aaya kar
Kinne hi saal ho gye hun intezaar ch tere 🍂

ਸਵੇਰੇ ਉੱਠ ਲਿਖਦਾ ਹਾਂ ਸ਼ਾਇਰੀ
ਤੇਰੇ ਖਿਆਲਾ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਕੋਈ ਖਿਆਲ ਨੀ
ਮਹੁੱਬਤ ‘ਚ ਇਦਾਂ ਹੀ ਸਭਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਏ ?
ਜਿਵੇਂ ਮੈਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਹਰ ਇੱਕ ਪਲ ਸਾਲ ਨੀ
ਫੇਰ ਦਿਨ ‘ਚ ਕਈ ਵਾਰ ਜ਼ਿਕਰ ਤੇਰਾ ਆਉਂਦਾ ਏ
ਤੈਨੂੰ ਪ੍ਰਵਾਹ ਨਹੀਂ ਮੇਰੀ ਇਹ ਖਿਆਲ ਆਉਂਦਾ ਏ
ਨਿੰਦਰਾ ਉੱਡ ਗਈਆਂ ਖੁੱਲੀ ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਸੁਪਨੇ ਤੇਰੇ
ਕਦੇ ਨਿਕਲ ਸੁਪਨਿਆਂ ਚੋਂ ਸਾਹਮਣੇ ਵੀ ਤਾਂ ਆਇਆ ਕਰ
ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਸਾਲ ਹੋ ਗਏ ਹੁਣ ਇੰਤਜਾਰ ‘ਚ ਤੇਰੇ🍂

Title: Intezaar tera || Punjabi shayari