बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
Enjoy Every Movement of life!
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
ਵਟਾ ਕੇ ਤਾਂ ਦੇਖ
ਅੱਖੀਆਂ ਚ ਅੱਖੀਆਂ
ਪਾ ਕੇ ਤਾਂ ਦੇਖ
ਮੁਹੱਬਤ ਆਪਣੇ ਆਪ ਹੋ ਜਾਉ
ਇਕ ਵਾਰੀ ਸਾਨੂੰ ਅਪਣਾ
ਬਣਾਕੇ ਤਾ
ਦੇਖ
चैन नही मिलता किसी को मेरा सुकून देखकर,
लड़ती है मुझसे नफरत मेरा जुनून देखकर,
बाहर आ जाती है मयान से खुद तलवारें भी,
मेरी बेगुनाह ख्वाहिशों का बहता खून देखकर...