बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
बचपन में किसी स्कूल में दाखिल नही हुए,
इसलिए जिन्दगी की दौड़ के काबिल नही हुए.
ख़ुशी खिलौना खेलने से नही मिलती है,
ख़ुशी स्कूल के दोस्तों के साथ खेलने से मिलती है.
Yeh zindagi ek Aashiq jaisi hai
Agar Man se chaha toh haseen hai
Agar dimaag se chaha toh rangeen hai 💯
यह ज़िन्दगी एक आशिक़ जैसी है
अगर मन से चाहा तो हसीन है
अगर दिमाग से चाहा तो रंगीन है 💯
कड़ी मेहनत आपको वहां पहुंचा देती है जहां
अच्छी किस्मत शायद आपको पहुंचा दे ।
निंदा’ से घबराकर अपने “लक्ष्य” को ना छोड़े
क्योंकि ‘लक्ष्य’ मिलते ही “निंदा” करने वालों की
राय बदल जाती है l”
केवल ज्ञान ही ऐसा अक्षर तत्व है जो कहीं भी,
किसी अवस्था और किसी काल में भी मनुष्य का
साथ नहीं छोड़ता l