Dukhi karn layi puri duniya bethi e
Khush karn layi tera ikk ehsas kaafi e..!!
ਦੁਖੀ ਕਰਨ ਲਈ ਪੂਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਬੈਠੀ ਹੈ
ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਤੇਰਾ ਇੱਕ ਅਹਿਸਾਸ ਕਾਫ਼ੀ ਏ..!!
Dukhi karn layi puri duniya bethi e
Khush karn layi tera ikk ehsas kaafi e..!!
ਦੁਖੀ ਕਰਨ ਲਈ ਪੂਰੀ ਦੁਨੀਆਂ ਬੈਠੀ ਹੈ
ਖੁਸ਼ ਕਰਨ ਲਈ ਤੇਰਾ ਇੱਕ ਅਹਿਸਾਸ ਕਾਫ਼ੀ ਏ..!!
kise de kareeb hona
par naseeb ch na hona
ik alag hi dukh dinda hai
ਕਿਸੇ ਦੇ ਕਰੀਬ ਹੋਣਾ
ਪਰ ਨਸੀਬ ਚ’ ਨਾ ਹੋਣਾ
ਇੱਕ ਅਲੱਗ ਹੀ ਦੁੱਖ ਦਿੰਦਾ ਹੈ..
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..