
Sanu raas ruhaniat wali mohobbat e bas..!!

वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।
Rishta kise gair naal howe jaa khoon da howe
nibhda ohi jehrra dil ton judheyaa howe
ਰਿਸ਼ਤਾ ਕਿਸੇ ਗੈਰ ਨਾਲ ਹੋਵੇ ਜਾਂ ਖੂਨ ਦਾ ਹੋਵੇ..
ਨਿਭਦਾ ਓਹੀ ਜਿਹੜਾ ਦਿਲ ਤੋਂ ਜੁੜਿਆ ਹੋਵੇ..