Eh ishq hai
eh har ik da poora ni hunda hai
ਐਹ ਇਸ਼ਕ ਹੈਂ
ਐਹ ਹਰ ਇੱਕ ਦਾ ਪੁਰਾ ਨੀਂ ਹੁੰਦਾਂ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Eh ishq hai
eh har ik da poora ni hunda hai
ਐਹ ਇਸ਼ਕ ਹੈਂ
ਐਹ ਹਰ ਇੱਕ ਦਾ ਪੁਰਾ ਨੀਂ ਹੁੰਦਾਂ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

बड़ा उदास है ये दिल तुम्हारे बिना, कुछ नहीं है मेरे पास तुम्हारे बिना,
चाहे दिन हो या हो रात, सुकून नहीं आता इस दिल को मेरे तुम्हारे बिना
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..