Eh ishq hai
eh har ik da poora ni hunda hai
ਐਹ ਇਸ਼ਕ ਹੈਂ
ਐਹ ਹਰ ਇੱਕ ਦਾ ਪੁਰਾ ਨੀਂ ਹੁੰਦਾਂ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Enjoy Every Movement of life!
Eh ishq hai
eh har ik da poora ni hunda hai
ਐਹ ਇਸ਼ਕ ਹੈਂ
ਐਹ ਹਰ ਇੱਕ ਦਾ ਪੁਰਾ ਨੀਂ ਹੁੰਦਾਂ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
खुशबू नहीं है मुझमें,
पर गुलशन महकाएं बहुत है...
मुझे आज़माया नहीं किसी ने,
मैनें अपनें आज़माएं बहुत हैं...
मैं रौनक पसंद हूं पर रौनक नहीं है मुझमें,
बुला रहे हो महफिल में वो झलक नहीं मुझमें...
इंतजाम मेरी खातिर बस इतना कर लेना
कड़वा हूं मैं,
कुछ कहूं तो मेरे होंठो पर ज़हर रख देना....
शर्माकर एक दिन इन्हीं आँखों ने, मेरे प्यार को कुबूला था..
इन्हीं पलकों के साए में रह कर कभी, पिछले गमों को भुला था..
उनका इश्क, नफ़रत में कब बदला, हमें ख़बर भी ना लगी..
उनके ज़हन से मेरा नाम ऐसे मिटा जैसे, परदेसी कोई सारे गांव को भूला था..