Kehnda aaja kol mere
mohobat nu mukamal karn lai
eh taras reha hai dil mera
tainu apna banaun lai
ਕਹਿੰਦਾ ਆਜਾ ਕੋਲ਼ ਮੇਰੇ
ਮਹੋਬਤ ਨੂੰ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਲਈ
ਏਹ ਤਰਸ ਰੇਹਾ ਹੈ ਦਿਲ ਮੇਰਾ
ਤੈਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣੋਨ ਲਈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Kehnda aaja kol mere
mohobat nu mukamal karn lai
eh taras reha hai dil mera
tainu apna banaun lai
ਕਹਿੰਦਾ ਆਜਾ ਕੋਲ਼ ਮੇਰੇ
ਮਹੋਬਤ ਨੂੰ ਮੁਕੰਮਲ ਕਰਨ ਲਈ
ਏਹ ਤਰਸ ਰੇਹਾ ਹੈ ਦਿਲ ਮੇਰਾ
ਤੈਨੂੰ ਆਪਣਾ ਬਣੋਨ ਲਈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
जब दिल में दबी उस चाहत को, उसकी यादों ने झिंझोड़ा है.. तब-तब मेरे आंसू बह निकले, जो दर्द हुआ क्या थोड़ा है..? जिस सख्स की खातिर घर - समाज, हर चीज को हमने छोड़ा है.. कैसे बताऊ ऐ दुनिया वालों, उसी सख्स ने दिल मेरा तोड़ा है.. मैं भूल उसे नहीं सकता अब, दिल बीच में बन गया रोड़ा है.. गुनेहगार तो मेरा ही दिल है, इसने ही उसे मुझसे जोड़ा है..
एक रात जब दरवाजे पर दस्तक हुई, तो लगा कोई आया होगा..
आख़िर देर रात ये है कौन। कहीं कोई बुरी खबर तो ना लाया होगा..?
बिस्तर से उठा घबराहट के साथ, रात ताला भी तो लगाया होगा..
चाबी ना जाने कहां रख दी मैंने, ऐसा होगा, रात दिमाग में ना आया होगा..
चाबी लेकर दौड़ा दरवाजे की ओर, दरवाजा तो खोलू, शायद कोई घबराया होगा..
दरवाज़ा खोला कोई नहीं था, ये कोई मज़ाक का वक़्त है, जो दरवाज़ा खटखटाया
होगा..
ना जाने कौन था ये, जो इतनी रात गऐ मेरे दर पे आया होगा..?
पूरी रात निकल गई सोचने में, ये मेरा वहम था, या सच में कोई आया होगा..