
Lyie naam tera subah shaam asi..!!
Shukrana ke sanu mileya e tu
Eh zindagi likhayi tere naam asi..!!

हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Supne c aaye pole pabba naal je
galla rooh naal karan de ishaare dekhe me
akhaa chamakdiyaa noor badha chechre ute
bhai roope waleyaa sajjna de mukh de nazare dekhe me
ਸੁਪਨੇ ਚ ਆਏ ਪੋਲੇ ਪੱਬਾਂ ਨਾਲ ਜੇ
ਗੱਲਾਂ ਰੂਹ ਨਾਲ ਕਰਨ ਦੇ ਇਸ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ
ਅੱਖਾਂ ਚਮਕਦੀਆਂ ਨੂਰ ਬੜਾ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ
ਭਾਈ ਰੂਪੇ ਵਾਲਿਆ ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦੇ ਨਜ਼ਾਰੇ ਦੇਖੇ ਮੈਂ