
apna-pan dass de ne
oh ajkal baike nukkar ch hasdey ne
oh mazaak ni sach keh reha
eho jehe bande sapp ban dass de ne
Enjoy Every Movement of life!

प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या
सपना दिखाकर तोड़ना मजबूरी था क्या
हीर रांझे की दी हुई कसमे भी फर्जी था क्या
वक़्त और समझौता के हवाला देकर
प्यार का नया ताज पहनना जरूरी था क्या।
प्यार किया तो छोड़के जाना जरूरी था क्या।
By- lalan raj
ज़िन्दगी सबके लिए बही है
फ़र्क सिर्फ़ इतना है
कोई दिल से जीता है
और कोई दिल रखने के लिए जी रहा है