
apna-pan dass de ne
oh ajkal baike nukkar ch hasdey ne
oh mazaak ni sach keh reha
eho jehe bande sapp ban dass de ne
Enjoy Every Movement of life!

ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!
निखर जाती हैं मेरी मोहब्बत,
तेरी आजमाइश के बाद,
सवरता जा रहा है ये इश्क,
तेरी हर फरमाइश के बाद..