Bhul ji ki mai tenu mudd ke yaad vi kara gan,
Hun tenu teri galtiyan da ehsaas kara’van gan…..
Bhul ji ki mai tenu mudd ke yaad vi kara gan,
Hun tenu teri galtiyan da ehsaas kara’van gan…..
जिंदगी जख्मों से भरी है वक्त को मरहम बनाना सिख लों, हारना तो है ही मौत के सामने पहले जिंदगी से जीना सिख लो।
दुनिया चुप रहती कब हैं,
कहने दो जो कहती है
ढूंढते हैं तस्वीरें तेरी, तेरी तस्वीर देखकर,
इश्क का वो पल फिर, दोबारा मिला नहीं,
मेरे ज़ख्मों में जो लगा था, मरहम तेरे होंठों का,
तेरे ही दिए ज़ख्मों को, वो मरहम मिला नहीं,
दर बदर ढूंढा खुदको, इक वजूद की तलाश में,
वो मरहम तो मिला नहीं, वो महरम भी मिला नहीं...