ek arse baad wasal hui to use khush karne chala gya
usne duaa maangi meri maut ki, to me marne chalaa gya
एक अरसे बाद वस्ल हुई तो उसे खुश करने चला गया
उसने दुआ मांगी मेरी मौत की, तो मैं मरने चला गया
ek arse baad wasal hui to use khush karne chala gya
usne duaa maangi meri maut ki, to me marne chalaa gya
एक अरसे बाद वस्ल हुई तो उसे खुश करने चला गया
उसने दुआ मांगी मेरी मौत की, तो मैं मरने चला गया
Choom ke tere rukhsar ko
Ye hawayein jab chalti hain,
Doob jata hai fir vo shehar nashe mein
Ye jis shehar se bhi guzrti hai..
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं।
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..