हकीक़त बता रहा हु, ये सपना समझ रहे हैं
और हर एक आशिक़ का दर्द, एक जैसा है
मैं अपना सुना रहा हूं,ये अपना समझ रहें है
Enjoy Every Movement of life!
हकीक़त बता रहा हु, ये सपना समझ रहे हैं
और हर एक आशिक़ का दर्द, एक जैसा है
मैं अपना सुना रहा हूं,ये अपना समझ रहें है
faslo ka ehsaas tab huaa jab maine
kaha “theek hu” aur usne maan liya
ਫ਼ਾਸਲੋ ਕਾ ਅਹਿਸਾਸ ਤਬ ਹੁਆ ਜਬ ਮੈਂਨੇ
ਕਹਾ ” ਠੀਕ ਹੂੰ ” ਔਰ ਉਸਨੇ ਮਾਨ ਲਿਆ…
जय भारतीय किसान
तुमने कभी नहीं किया विश्राम
हर दिन तुमने किया है काम
सेहत पर अपने दो तुम ध्यान
जय भारतीय किसान.
अपना मेहनत लगा के
रूखी सूखी रोटी खा के
उगा रहे हो तुम अब धान
जय भारतीय किसान.
तरुण चौधरी