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Ek jheel mii hai || hindi kavita

इक झील मिली है, एक झरने के बाद

बस कुछ ही दूर घर से,गुज़रने के बाद

ये समझा रहे हैं, की खतरा है मुझको

वो भी आधे से ज़्यादा, उतरने के बाद

फिर सूखी आंख लेकर,लौट आया मैं

अपने वही पे सारे आंसू,धरने के बाद

मेरे चार दर्द भी, ना संभाले गए उससे

ये झरना भर गया,आंसू भरने के बाद

अरे तुम भी कहां सुनोगे, बाते हमारी

हम भी समझे थे,इश्क़ करने के बाद

मेरी हिम्मत को,देखा कैसे जाए बोलो

लोग हमे भी डरा रहे हैं, डरने के बाद

के कुछ खड़े होते हैं कैसे, तनके देखो

मेरे सामने से मुंह पर, मुकरने के बाद

Title: Ek jheel mii hai || hindi kavita

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Sabh beh jayenge || akbar beerbal kahani

बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—”हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।”

बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—”क्यों भई, इस गांव में सब ठीक-ठाक तो है न?”

उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—”हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।”

“तुम्हारा नाम क्या है?” बादशाह ने पूछा।

“गंगा”

“तुम्हारे पिता का नाम?”

“जमुना”

“और मां का नाम सरस्वती है?”

“हुजूर, नर्मदा।”

यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—”हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।”

यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।

Title: Sabh beh jayenge || akbar beerbal kahani


Koi kisika nhi hota || Hindi shayari

Hindi shayari || sad but true shayari || koi kisika nhi hota ....
koi kisika nhi hota ….