Ek painter ne kha
Ki tum khud se pyar karte ho
Mene hans kar kha .
Agar me khud se pyar karta to aapko photo kisi or ka kyu deta
Ek painter ne kha
Ki tum khud se pyar karte ho
Mene hans kar kha .
Agar me khud se pyar karta to aapko photo kisi or ka kyu deta
Vakt or jindgi ka gjb khel h ,,
Jb jindgii thi, tb kuch krne ko vakt nhi Mila
Jb vakt Mila , to jindgi guzr gyi
वक्त और जिंदगी का गज़ब खेल है,,
जब जिंदगी थी , तब कुछ करने को वक्त नहीं मिला
जब वक्त मिला, तो जिंदगी गुज़र गई।।
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।