Jo chandni hethaa baithe ne rehnde
eh kaleyaa da saathi chann kyu ae
ਜੋ ਚਾਂਦਨੀ ਹੇਠਾਂ ਬੈਠੇ ਨੇ ਰਹਿੰਦੇ
ਇਹ ਕੱਲਿਆਂ ਦਾ ਸਾਥੀ ਚੰਨ ਕਿਉਂ ਐਂ
Jo chandni hethaa baithe ne rehnde
eh kaleyaa da saathi chann kyu ae
ਜੋ ਚਾਂਦਨੀ ਹੇਠਾਂ ਬੈਠੇ ਨੇ ਰਹਿੰਦੇ
ਇਹ ਕੱਲਿਆਂ ਦਾ ਸਾਥੀ ਚੰਨ ਕਿਉਂ ਐਂ
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
Fikr kiya kro meri muje khayal mein rakho tum
Mein man hoon tumhara zra smbhal ke rakho tum!!
फिक्र किया करो मेरी मुझे ख्याल मे रखो तुम
मै मन हूँ तुम्हारा जरा सम्भाल के रखो तुम!!