Menu enna vi na todi sajjna
Ke khud nu mazboot karde karde mein pathar ban jawa..!!
ਮੈਨੂੰ ਇੰਨਾ ਵੀ ਨਾ ਤੋੜੀ ਸੱਜਣਾ
ਕਿ ਖੁਦ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੇ ਕਰਦੇ ਮੈਂ ਪੱਥਰ ਬਣ ਜਾਵਾਂ..!!
Menu enna vi na todi sajjna
Ke khud nu mazboot karde karde mein pathar ban jawa..!!
ਮੈਨੂੰ ਇੰਨਾ ਵੀ ਨਾ ਤੋੜੀ ਸੱਜਣਾ
ਕਿ ਖੁਦ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੇ ਕਰਦੇ ਮੈਂ ਪੱਥਰ ਬਣ ਜਾਵਾਂ..!!
Asi tan yaara aina tutte hoye aa
ke statusaa vich apna dard byaan nahi kar sakde
ਅਸੀਂ ਤਾ ਯਾਰਾਂ ਐਨਾ ਟੁੱਟੇ ਹੋਏ ਆ
ਕੇ ਸਟੇਟਸਾ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਦਰਦ ਵੀ ਬਿਆਨ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ…
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।