Menu enna vi na todi sajjna
Ke khud nu mazboot karde karde mein pathar ban jawa..!!
ਮੈਨੂੰ ਇੰਨਾ ਵੀ ਨਾ ਤੋੜੀ ਸੱਜਣਾ
ਕਿ ਖੁਦ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੇ ਕਰਦੇ ਮੈਂ ਪੱਥਰ ਬਣ ਜਾਵਾਂ..!!
Menu enna vi na todi sajjna
Ke khud nu mazboot karde karde mein pathar ban jawa..!!
ਮੈਨੂੰ ਇੰਨਾ ਵੀ ਨਾ ਤੋੜੀ ਸੱਜਣਾ
ਕਿ ਖੁਦ ਨੂੰ ਮਜ਼ਬੂਤ ਕਰਦੇ ਕਰਦੇ ਮੈਂ ਪੱਥਰ ਬਣ ਜਾਵਾਂ..!!
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है
As we grow older we don’t lose friends,
we just learn who the real ones are.