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Esa var chahundi haan ❤️ || Punjabi poetry || Punjabi shayari || poetry in gurmukhi

Jis di pagg naal diyan mein chunniya ranga skaa
Jisde chehre nu dekh mein apna chehra swar skaa
Jisda mukhda mere lyi sheeshaa ban jaye
Jisde vall dekh mein khud nu nihar skaa
Ni maye!! esa var chahundi haan..!!

Jis de pairan vich menu jannat mil jawe
Jisnu dekh meri rooh khil jawe
Jisnu labh k lgge menu labb gyi e zindgi
Jisde agge haar eh dil jawe
Ni maaye !! Esa var chahundi aa..!!

Mera hon da Jisdi akhan ch groor dekh skaa
Jis vich mein prmatma jeha noor dekh skaa
Jisnu pa k lgge mein paya e rabb
Prithvi de kan kan ch usnu zroor dekh skaa
Ni maaye !! Esa var chahundi haan..!!

ਜਿਸ ਦੀ ਪੱਗ ਨਾਲ ਦੀਆਂ ਮੈਂ ਚੁੰਨੀਆਂ ਰੰਗਾ ਸਕਾਂ
ਜਿਸਦੇ ਚਿਹਰੇ ਨੂੰ ਦੇਖ ਮੈਂ ਆਪਣਾ ਚਿਹਰਾ ਸਵਾਰ ਸਕਾਂ
ਜਿਸਦਾ ਮੁਖੜਾ ਮੇਰੇ ਲਈ ਸ਼ੀਸ਼ਾ ਬਣ ਜਾਏ
ਜਿਸਦੇ ਵੱਲ ਦੇਖ ਮੈਂ ਖੁੱਦ ਨੂੰ ਨਿਹਾਰ ਸਕਾਂ
ਨੀਂ ਮਾਏਂ !! ਐਸਾ ਵਰ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹਾਂ..!!

ਜਿਸਦੇ ਪੈਰਾਂ ਵਿੱਚ ਮੈਨੂੰ ਜੰਨਤ ਮਿਲ ਜਾਵੇ
ਜਿਸਨੂੰ ਦੇਖ ਮੇਰੀ ਰੂਹ ਖਿਲ ਜਾਵੇ
ਜਿਸਨੂੰ ਲੱਭ ਕੇ ਲੱਗੇ ਮੈਂਨੂੰ ਲੱਭ ਗਈ ਏ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
ਜਿਸਦੇ ਅੱਗੇ ਹਾਰ ਇਹ ਦਿਲ ਜਾਵੇ
ਨੀਂ ਮਾਏਂ !! ਐਸਾ ਵਰ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹਾਂ..!!

ਮੇਰਾ ਹੋਣ ਦਾ ਜਿਸਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ‘ਚ ਗਰੂਰ ਦੇਖ ਸਕਾਂ
ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਮੈਂ ਪਰਮਾਤਮਾ ਜਿਹਾ ਨੂਰ ਦੇਖ ਸਕਾਂ
ਜਿਸਨੂੰ ਪਾ ਕੇ ਲੱਗੇ ਮੈਂ ਪਾਇਆ ਏ ਰੱਬ
ਪ੍ਰਿਥਵੀ ਦੇ ਕਣ ਕਣ ‘ਚ ਉਸਨੂੰ ਜ਼ਰੂਰ ਦੇਖ ਸਕਾਂ
ਨੀਂ ਮਾਏਂ !! ਐਸਾ ਵਰ ਚਾਹੁੰਦੀ ਹਾਂ..!!

Title: Esa var chahundi haan ❤️ || Punjabi poetry || Punjabi shayari || poetry in gurmukhi

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Rabb dise vich tere || true love shayari || Punjabi status

Love quotes || Lakhan duniyan te chehre ve
Sukun bas tenu dekh mile
Rabb dise vich tere ve..!!
Lakhan duniyan te chehre ve
Sukun bas tenu dekh mile
Rabb dise vich tere ve..!!

Title: Rabb dise vich tere || true love shayari || Punjabi status


Sabse badhi cheez || akbar birbal kahani

एक दिन बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं थे। ऐसे में बीरबल से जलने वाले सभी सभासद बीरबल के खिलाफ अकबर के कान भर रहे थे। अकसर ऐसा ही होता था, जब भी बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं होते थे, तभी दरबारियों को मौका मिल जाता था। आज भी ऐसा ही मौका था।

बादशाह के साले मुल्ला दो प्याजा की शह पाए कुछ सभासदों ने कहा-”जहांपनाह ! आप वास्तव में बीरबल को आवश्यकता से अधिक मान देते हैं, हम लोगों से ज्यादा उन्हें चाहते हैं। आपने उन्हें बहुत सिर चढ़ा रखा है। जबकि जो काम वे करते हैं, वह हम भी कर सकते हैं। मगर आप हमें मौका ही नहीं देते।”

बादशाह को बीरबल की बुराई अच्छी नहीं लगती थी, अतः उन्होंने उन चारों की परीक्षा ली-”देखो, आज बीरबल तो यहाँ हैं नहीं और मुझे अपने एक सवाल का जवाब चाहिए। यदि तुम लोगों ने मेरे प्रश्न का सही-सही जवाब नहीं दिया तो मैं तुम चारों को फांसी पर चढ़वा दूंगा।” बादशाह की बात सुनकर वे चारों घबरा गए।

उनमें से एक ने हिम्मत करके कहा-”प्रश्न बताइए बादशाह सलामत ?” “संसार में सबसे बड़ी चीज क्या है ? और अच्छी तरह सोच-समझ कर जवाब देना वरना मैं कह चुका हूं कि तुम लोगों को फांसी पर चढ़वा दिया जाएगा।” बादशाह अकबर ने कहा- “अटपटे जवाब हरगिज नहीं चलेंगे। जवाब एक हो और बिलकुल सही हो।” “बादशाह सलामत ? हमें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए।” उन्होंने सलाह करके कहा।

“ठीक है, तुम लोगों को एक सप्ताह का समय देता हूं।” बादशाह ने कहा।

चारों दरबारी चले गए और दरबार से बाहर आकर सोचने लगे कि सबसे बड़ी चीज क्या हो सकती है ?

एक दरबारी बोला-”मेरी राय में तो अल्लाह से बड़ा कोई नहीं।”

“अल्लाह कोई चीज नहीं है। कोई दूसरा उत्तर सोचो।” दूसरा बोला।

“सबसे बड़ी चीज है भूख जो आदमी से कुछ भी करवा देती है।” तीसरे ने कहा।

“नहीं…नहीं, भूख भी बरदाश्त की जा सकती है।”

“फिर क्या है सबसे बड़ी चीज ?” छः दिन बीत गए लेकिन उन्हें कोई उत्तर नहीं सूझा। हार कर वे चारों बीरबल के पास पहुँचे और उसे पूरी घटना कह सुनाई, साथ ही हाथ जोड़कर विनती की कि प्रश्न का उत्तर बता दें।

बीरबल ने मुस्कराकर कहा-”मैं तुम्हारे प्रश्न का उत्तर दूंगा, लेकिन मेरी एक शर्त है।” “हमें आपकी हजार शर्तें मंजूर हैं।” चारों ने एक स्वर में कहा-”बस आप हमें इस प्रश्न का उत्तर बताकर हमारी जान बख्शी करवाएं। बताइए आपकी क्या शर्त है ?” “तुम में से दो अपने कन्धों पर मेरी चारपाई रखकर दरबार तक ले चलोगे। एक मेरा हुक्का पकड़ेगा, एक मेरे जूते लेकर चलेगा।” बीरबल ने अपनी शर्त बताते हुए कहा।

यह सुनते ही वे चारों सन्नाटे में आ गए। उन्हें लगा मानो बीरबल ने उनके गाल पर कसकर तमाचा मार दिया हो। मगर वे कुछ बोले नहीं। अगर मौत का खौफ न होता तो वे बीरबल को मुंहतोड़ जवाब देते, मगर इस समय मजबूर थे, अतः तुरन्त राजी हो गए।

दो ने अपने कन्धों पर बीरबल की चारपाई उठाई, तीसरे ने उनका हुक्का और चौथा जूते लेकर चल दिया। रास्ते में लोग आश्चर्य से उन्हें देख रहे थे। दरबार में बादशाह ने भी यह मंजर देखा और वह मौजूद दरबारियों ने भी। कोई कुछ न समझ सका। तभी बीरबल बोले, ”महाराज, दुनिया में सबसे बड़ी चीज है-गरज। अपनी गरज से ये पालकी यहां तक उठाकर लाए हैं।” बादशाह मुस्कराकर रह गए। वे चारों सिर झुकाकर एक ओर खड़े हो गए।

Title: Sabse badhi cheez || akbar birbal kahani