Enjoy Every Movement of life!
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..
ਜਿਸਮ ਤੇ ਨਹੀ ਰੂਹ ਤੇ ਮਰ.. ਮਹੁੱਬਤ ਚਿਹਰੇ ਨਾਲ ਨਹੀ ਸਾਦਗੀ ਨਾਲ ਕਰ…❤️
Jisam te nahi rooh te marr.. mohabbat chehre nall nahi sadgi nall kr…❤️
