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Farmer dard || किसान के दर्द पर छोटी कविता

लिखता मैं किसान के लिए
मैं लिखता इंसान के लिए
नहीं लिखता धनवान के लिए
नहीं लिखता मैं भगवान के लिए
लिखता खेत खलियान के लिए
लिखता मैं किसान के लिए

    नहीं लिखता उद्योगों के लिए
नहीं लिखता ऊँचे मकान के लिए
लिखता हूँ सड़कों के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए
क़लम मेरी बदलाव बड़े नहीं लाई

      नहीं उम्मीद इसकी मुझे
खेत खलियान में बीज ये बो दे
सड़क का एक गढ्ढा भर देती
ये काफ़ी इंसान के लिए
लिखता हूँ किसान के लिए
लिखता मैं इंसान के लिए

    आशा नहीं मुझे जगत पढ़े
पर जगत का एक पथिक पढ़े
फिर लाए क्रांति इस समाज के लिए
इसलिए लिखता मैं दबे-कुचलों के लिए
पिछड़े भारत से ज़्यादा

       भूखे भारत से डरता हूँ
फिर हरित क्रांति पर लिखता हूँ
फिर किसान पर लिखता हूँ
क्योंकि
लिखता मैं किसान के लिए
लिखता मै इंसान के लिए

Title: Farmer dard || किसान के दर्द पर छोटी कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Ajh raat bhar raat ka || dard shayari

मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं

आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं

आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ

तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं

ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना

अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं

Title: Ajh raat bhar raat ka || dard shayari


Likhta tere wall

likh likh likhtaa tere wal bheja
pyaar saara dil da tainu deja

ਲਿਖ ਲਿਖ ਲਿਖਤਾਂ ਤੇਰੇ ਵੱਲ ਭੇਜਾਂ,
ਪਿਆਰ ਸਾਰਾ ਦਿਲ ਦਾ ਤੈਨੂੰ ਦੇਜਾਂ।

Title: Likhta tere wall