धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
Nazron mein kaid hai mere kuch haseen sapne
Mein ankhein band kar lu to duniya mujhe tanha karaar deti hai
Agar hawayon ko choo lun ti mere par kaat deti hai
Sapne dekhna to aadat hai meri
Bas yahi ek khushi hai jo mera gam bant deti hai…
नजरों में कैद हैं मेरे कुछ हसीन सपने…
मै आँखे बंद कर लूं तो दुनिया मुझे तनहा करार देती है,
अगर हवाओं को छू लूं तो मेरे पर काट देती है,
सपने देखना तो आदत है मेरी,
बस यही एक खुशी है जो मेरा गम बांट देती है…
Hamari zindagi me wo apni marzi se aaye the
Aur gaye bhi hai apni marzi se
is daur me hamne toh bas ek matr khilaune
ka kirdaar nibhayia tha, kyuki marzi to
kewal khilauno par hi ki jaati hai
हमारी जिंदगी में वो अपनी मरज़ी से आए थे
और गए भी हैं अपनी मरज़ी से,
इस दौर में हमने तो बस एक मात्र खिलौने
का किरदार निभाया था, क्योंकि मरज़ी तो
केवल खिलौनो पर ही की जाती है