धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
Enjoy Every Movement of life!
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
میں نے اسے چھوڑ دینا مناسب سمجھا
جب دیکھا ہوتے ہوے شرک محبت میں
Jhatt akhan nam kar laindi e
Dss kehreyan dukha di maari e..!!
Chall bada ro leya zinde ne
Hun khush rehan di vaari e..!!
ਝੱਟ ਅੱਖਾਂ ਨਮ ਕਰ ਲੈਂਦੀ ਏ
ਦੱਸ ਕਿਹੜਿਆਂ ਦੁੱਖਾਂ ਦੀ ਮਾਰੀ ਏ..!!
ਚੱਲ ਬੜਾ ਰੋ ਲਿਆ ਜਿੰਦੇ ਨੀ
ਹੁਣ ਖੁਸ਼ ਰਹਿਣ ਦੀ ਵਾਰੀ ਏ..!!