धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
Jad mel rooha da hunda e
rishte paak pawiter judhde ne
gal aap muhaare tur paindi
jad yaar sajjan nu milde ne
ਜਦ ਮੇਲ ਰੂਹਾ ਦਾ ਹੰਦਾ ਏ
ਰਿਸਤੇ ਪਾਕ ਪਵਿੱਤਰ ਜੁੜਦੇ ਨੇ
ਗੱਲ ਆਪ ਮੁਹਾਰੇ ਤੁਰ ਪੈਦੀ
ਜਦ ਯਾਰ ਸੱਜਣ ਨੂੰ ਮਿਲਦੇ ਨੇ
नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..