धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
Enjoy Every Movement of life!
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
Jitna dur rehkar chahoge utni hi gehri hogi mohobbat
Jis din jism bichme aagya, samaj jana bewafai kareeb hein ♥
जितना दूर रहकर चाहोगे उतनी ही गहरी होगी मोहोब्बत जिसदिन जिस्म बीच में आ गया, समझ जाना बेवफाई करीब हैं ❤️
