धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!
Enjoy Every Movement of life!
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी उंचाई है
जिन्दगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है
हर दुख वो बच्चों का खुद पे वो सह लेतें है
उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते है..!!

Kinni chahat c tere lai es dil vich
tu jaan na saki
tadapda reha dil mera, teri judai vich
par tu jaan na saki
उसको भी दर्द है मुझसे बिछुड़ने का ,उसके दोस्त कह रहे थे
अभी कल ही तो देखा उसको बहुत खुश थी दोस्तों संग महफ़िल में