Kite ram das kite fateh mohamad eho kadeemi shor
mitt gya doha da jhagda nikal pya kujh hor
meri bukal de vich chor
ਕਿਤੇ ਰਾਮ ਦਾਸ ਕਿਤੇ ਫ਼ਤਹਿ ਮੁਹੰਮਦ ਇਹੋ ਕਦੀਮੀ ਸ਼ੋਰ
ਮਿਟ ਗਿਆ ਦੋਹਾਂ ਦਾ ਝਗੜਾ ਨਿਕਲ ਪਿਆ ਕੁਝ ਹੋਰ
ਮੇਰੀ ਬੁੱਕਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਚੋਰ
Kite ram das kite fateh mohamad eho kadeemi shor
mitt gya doha da jhagda nikal pya kujh hor
meri bukal de vich chor
ਕਿਤੇ ਰਾਮ ਦਾਸ ਕਿਤੇ ਫ਼ਤਹਿ ਮੁਹੰਮਦ ਇਹੋ ਕਦੀਮੀ ਸ਼ੋਰ
ਮਿਟ ਗਿਆ ਦੋਹਾਂ ਦਾ ਝਗੜਾ ਨਿਕਲ ਪਿਆ ਕੁਝ ਹੋਰ
ਮੇਰੀ ਬੁੱਕਲ ਦੇ ਵਿੱਚ ਚੋਰ
कांटों से लिपट कर हम सो गए ,
वो फूलों पर करवट बदलते रहे,
वो सोए रहे सुकून से मखमली बिस्तर पर
और हम चिराग की तरह जलते रहे,,
अरे वो तो कब का छोड़ चुके थे मेरा साथ बीच रस्ते में,
और एक हम थे कि वो मेरे साथ है ये सोच कर बस चलते रहे,,
मैं तो हर मोड़ पर साथ था उनके, बचाता रहा उन्हें हर ठोकरों से,
और एक वो है जो मुझे ठोकर मारा कर चले गए, और हम खुद ही गिरते रहे संभलते रहे,,
फिर भी मुझे कोई गिला नहीं, कोई शिकवा नहीं,
हो जाए अगर मुकम्मल इश्क तो फिर वो इश्क ही क्या, ओर इश्क का मजा ही क्या,
यारो इश्क का मजा तो तब है जब दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे, दर्द मिलते रहे और दिल जलते रहे।।
नितीश कुमार ✍️
Dhuaan dhuaan karke jal rahi hai
arthi mere pyaar di
dekh haas reha aaj zamaana saara
tu loot nazaare meri barbaadi de
saannu bhool jawenga eh jag saara
धुँआ धुँआ करके जल रही है
अर्थी मेरे प्यार दी
देख हास्दा आज जमाना सारा
तू लूट नज़ारे मेरी बर्बादी दे
सानु भूल जावेंगा एह जग सारा