Fikr kiya kro meri muje khayal mein rakho tum
Mein man hoon tumhara zra smbhal ke rakho tum!!
फिक्र किया करो मेरी मुझे ख्याल मे रखो तुम
मै मन हूँ तुम्हारा जरा सम्भाल के रखो तुम!!
Fikr kiya kro meri muje khayal mein rakho tum
Mein man hoon tumhara zra smbhal ke rakho tum!!
फिक्र किया करो मेरी मुझे ख्याल मे रखो तुम
मै मन हूँ तुम्हारा जरा सम्भाल के रखो तुम!!
किसी को रफ्ता-रफ्ता चाहा था , अब किश्तों में मरते हैं ।
कैसे कहें अपना हाल-ए-दिल , क्या बताएँ कि हम मोहब्बत करते हैं ।।
ईश्क की सौदेबाजी में , नीलाम हो गई चाहते मेरी ।
नफा-नुकसान के फासलों में , उम्मीद की गुंजाइश ढूँढा करते हैं ।।
ख्वाबों के शहर में , चाहत का एक ख्याल आया ।
कई जवाबों के बाद , संगीन एक सवाल आया ।।
रूखसत किया जिसे , जिसकी पसंद से हमने ।
वो जो शख्स था , मेरी कई इबादतों के बाद आया ।।❤️🍂
ਏਹ ਰੋਣਾ ਉਮਰਾਂ ਦਾ ਪੇਆ ਹੈ
ਤੇਰੇ ਖਯਾਲਾ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਹੂਣ ਦਸ ਕੀ ਰੇਹਾ ਹੈ
ਤੇਰੇਆਂ ਖ਼ਤਾਂ ਨੇ ਬੰਦ ਕਰਤੀ ਗੱਲਾਂ ਦਸਣੀ ਤੇਰੀ
ਪਿਆਰ ਦੇ ਨਾਲ ਕਲਮਾਂ ਤੇਰਿਆਂ ਦਾ ਰੰਗ ਫ਼ਿਕਾ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ
ਏਹ ਵੇਖੋ ਇਸ਼ਕ ਦੀ ਸੱਟ ਨੂੰ
ਸਭਨੂੰ ਹਸੋਣ ਵਾਲਾਂ ਆਜ ਰੋ ਰਿਹਾ ਹੈ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷