Meri hasi wasi muskuraht wuskuraht sb tujh pr qurban
Tera gussa wossa nakhra wkhra Sb mera
Meri hasi wasi muskuraht wuskuraht sb tujh pr qurban
Tera gussa wossa nakhra wkhra Sb mera
Niveaan ton sikh k kive ucheyaan naal jo ral jande ne
ki gal sunawan me lokaan di
sohne raah kise naal bna
hamsafar koi hor hi cun lainde ne
ਨਿਵਿਆਂ ਤੋਂ ਸਿਖ ਕੇ
ਕਿਵੇਂ ਉਚਿਆਂ ਨਾਲ ਜੋ ਰਲ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਕੀ ਗੱਲ ਸੁਣਾਵਾਂ ਮੈਂ ਲੋਕਾਂ ਦੀ
ਸੋਹਣੇ ਰਾਹ ਕਿਸੇ ਨਾਲ ਬਣਾ
ਹਮਸਫਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਹੀ ਚੁਣ ਲੈਂਦੇ ਨੇ
ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
मैं अब के साल परिंदों का दिन मनाऊँगा
मिरी क़रीब के जंगल से बात हो गई है
बिछड़ के तुझ से न ख़ुश रह सकूँगा सोचा था
तिरी जुदाई ही वज्ह-ए-नशात हो गई है
बदन में एक तरफ़ दिन तुलूअ’ मैं ने किया
बदन के दूसरे हिस्से में रात हो गई है
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
रहेगा याद मदीने से वापसी का सफ़र
मैं नज़्म लिखने लगा था कि ना’त हो गई है