Meri hasi wasi muskuraht wuskuraht sb tujh pr qurban
Tera gussa wossa nakhra wkhra Sb mera
Meri hasi wasi muskuraht wuskuraht sb tujh pr qurban
Tera gussa wossa nakhra wkhra Sb mera
शाम बीती और रात हुई, गमों की फिर बरसात हुई..
तुझे भुलने को फिर से जाम पिया, गलती फिर मेरे हाथ हुई..
फिर से बहक गए लफ्ज मेरे, लफ्जों पे फिर से दात हुई..
दिलजले थे वहां कई मुझ जैसे, उनकी भी इश्क में मात हुई..
वही एक तरह का हर किस्सा, इश्क की भी भला कोई जात हुई..
हर कहानी ख़ुशी से शुरू हुई, ख़तम आंसुओं के साथ हुई..
महफिल को छोड़ चले घर की ओर, तन्हाई से फिर मुलाकात हुई..
तेरी याद बढ़ गई हर जाम के साथ, भला ये भी कोई बात हुई..
Ainiyan v beparwahiyaan teriyaan theek nahi
vekh me sari zind likhwai baitha haan tere naawe
ਐਨੀਆਂ ਵੀ ਬੇਪਰਵਾਹੀਆਂ
ਤੇਰੀਆਂ ਠੀਕ ਨਹੀਂ
ਵੇਖ ਮੈਂ ਸਾਰੀ ਜਿੰਦ ਲਿਖਵਾਈ ਬੈਠਾ ਹਾਂ ਤੇਰੇ ਨਾਂਵੇ