Meri hasi wasi muskuraht wuskuraht sb tujh pr qurban
Tera gussa wossa nakhra wkhra Sb mera
Meri hasi wasi muskuraht wuskuraht sb tujh pr qurban
Tera gussa wossa nakhra wkhra Sb mera
ऐसा क्या लिखूँ कि वो मेरा हो जाए , दिल दुखाने के तरीके का नया इंतजाम हो जाए ।
मोहब्बत जुनून नहीं नशा है मेरा , बचने की हर कोशिश अब नाकाम हो जाए ।।
है दस्तूर कायनात का निभाना तो होगा , दूर है वो मुझसे पास आना तो होगा ।
नफरत की खैरात को मेरे हिस्से आने दो , अपने हर शब्द अमर कर दूँ पर पहले तुम्हें आना तो होगा ।।
कुछ अनकही बातें याद आती रही , सारी रात मेरा दिल दुखाती रही ।
है मेरे मन में क्या सोचा बता दूँ तुम्हें , पर बढ़ते हुए फासले की वजह मुझे सताती रही ।।
