Skip to content

Fir bhi kareeb raho

इश्क़ है …न चाह है तुझे पाने की, 

फिर भी करीब रहो ये अच्छा लगता है,,

ख्वाब है न हकीकत है.. दरमियाँ अपने

फिर भी तुम्हें सोचना अच्छा लगता है,,

दूर हो न करीब ही हो मेरे “जाना”

फिर भी तू हमकदम हो अच्छा लगता है,,

पराया है न अपना ही है तू मेरा

फिर भी तेरा साथ अच्छा लगता है।।🌻🌻

Title: Fir bhi kareeb raho

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


और फिर

और फिर कब तक वहा रहता मैं

और कब तक कुछ ना कहता मै

फिर मैने वो बोल ही दिया

कब तक यू चुप चाप रहता मैं

और फिर मरना ही मुनासिब समझा हमने

आखिर के तक ये सब सहता मैं

Title: और फिर


Me vekhe unjh lakha jag te || punjabi shayari

ME VEKHE UNJH LAKHA JAG TE || PUNJABI SHAYARI
Mai vekhe unjh lakha sohne jagg te