ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
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ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
तरुण चौधरी
