ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
मेरी सारी रातें तुम्हारी, मेरा हर दिन तुम्हारा।
मेरी सारी बातें तुम्हारी, मेरा हर क्षण तुम्हारा।
प्यार की सारी नगमे तुम्हारी, मेरा कतरा – कतरा अब हुआ तुम्हारा।
जाहिर है अब ये प्यार मेरा, बाकी अब है फैसला तुम्हारा। – ईशान कुमार वत्स
