ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
Dil dolat hai teri jadon marzi karach lawi
eh jaan gareeban di jithe marji varat lawi
ਦਿਲ ਦੌਲਤ ਹੈ ਤੇਰੀ ਜਦੋਂ ਮਰਜੀਂ ਖਰਚ ਲਵੀ ,
ਇਹ ਜਾਨ ਗਰੀਬਾਂ ਦੀ ਜਿੱਥੇ ਮਰਜੀਂ ਵਰਤ ਲਵੀਂ.
वो मेरे चर्चे गुफ्तगू के बहाने से सबसे करते हैं,
ये जान के भी हम इस बात से हर पल मरते हैं,
जिन अपनो को के लिए सीने में मोहब्बत थी,
उनके अब हम पास गुजरने से भी बहुत डरते हैं,
मुझे कैद करके कितना जीने दे सकोगे तुम भला,
देखो कितनी शिद्दत से हम मौत की दुआ पढ़ते हैं,
मेरी जान को गुनाहों से तौल कर क्या पा लोगे,
मेरे हर्फ़ के वजन से गुनाह अक्सर बदलते हैं ,
उर्दू का कोई शायर होता मैं लफ्ज़ संभाल लेता,
गोया अगर होते तो लफ्ज़ न गिरते, न इतना संभलते।