Skip to content

Fitrat || hindi thoughts || hindi shayari

*मनुष्य की फितरत:-*

*प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सुन रहा है लेकिन निंदा करते समय ये भूल जाता है*

*पुण्य करते समय समझता है कि भगवान देख रहा है लेकिन पाप करते समय ये भूल जाता है*

*दान करते समय समझता है कि भगवान सब में बसता है लेकिन चोरी करते समय ये भूल जाता है*

*प्रेम करते समय समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है लेकिन नफरत करते समय यही बात भूल जाता है!!*

🌵🌵🌵🌵🌵🌵

Title: Fitrat || hindi thoughts || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Dil da haal || Punjabi shayari || love shayari

ਲੰਘਿਆ ਨੀ ਦਿਨ ਜਿੱਦੇਂ ਚੇਤੇ ਨਹੀਓ ਕਰਿਆ
ਤੇਰੇ ਬਾਰੇ ਸੋਚ ਸੋਚ ਸਦਾ ਮਣ ਰਹਿੰਦਾ ਭਰਿਆ
ਤੈਨੂੰ ਪਾਉਣ ਲਈ ਨਿੱਤ ਅਰਜੋਈਆਂ ਰਹਿੰਦੀ ਕਰਦੀ
ਪਰ ਆਕੜਾਂ ਦੀ ਪੱਟੀ ਕੁਝ ਬੋਲ ਵੀ ਨਈ ਸਕਦੀ
ਤੂੰ ਆਪ ਵੀ ਕੁਝ ਸਮਝ ਕਯੋ ਬੇਸਮਝ ਰਹੇ ਬਣਿਆ
ਤੈਨੂੰ ਵੀ ਪਤਾ ਮੈਂ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਕਦੇ ਕੋਈ ਹੋਰ ਨੀ ਸੀ ਚੁਣਿਆ
ਹੈਨੀ ਕੋਈ ਵਜਾਹ ਤਾਂ ਵੀ ਦੂਰ ਦੂਰ ਫਿਰਦੇ
ਕਰਨੀ ਆ ਗੱਲ ਪਰ ਬੁੱਲ ਨਹੀਓ ਖੁੱਲਦੇ
ਤੱਕ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਅਸੀਂ ਅੱਖਾਂ ਫੇਰ ਲੈਂਣੇ ਆਂ
ਬੁਲਾਉਣਾ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਕੀ ਯਾਰਾ ਅਸੀਂ ਤਾਂ ਆਕੜਾਂ ਦੇ ਸਿਖਰ ਤੇ ਰਹਿੰਦੇ
ਕਰਦੀ ਆਂ ਪਹਿਲ ਪੈਰ ਤੂੰ ਵੀ ਲੈ ਪੁੱਟ ਵੇ
ਸੱਜਣਾ ਵੇ ਦੇਖੀਂ ਕਿਤੇ ਹੱਥ ਨਾ ਓਏ ਛੁੱਟ ਜੇ
ਮਣ ਵਿੱਚ ਲੈਕੇ ਆਸਾਂ ਤੇ ਉਮੀਦਾਂ ਹਜ਼ਾਰ ਆਈਆਂ
ਦੇਖੀਂ ਕਾਗਜ਼ ਵਾਂਗੂੰ ਕਿਤੇ ਪੈਰਾਂ ਚ ਨਾ ਸੁੱਟ ਦੇਂ
ਵੇਖੇ ਨਹੀਂ ਜਾਣੇ ਜਜ਼ਬਾਤ ਮੈਥੋਂ ਮੇਰੇ ਧੁਕਦੇ

Title: Dil da haal || Punjabi shayari || love shayari


AADMI EK || akbar birbal kahani hindi

एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?

बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।

बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।

उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।

बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।

अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।

अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।

Title: AADMI EK || akbar birbal kahani hindi