फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं
फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं

अब ना होगा तेरा साथ जिंदगी भर , रहेगा बस यही एक मलाल जिंदगी भर ।
मेरी हसरतें तेरी खुशियों में कहीं गुम हो गई , हम तलाशते रह गए जीने की वजह जिंदगी भर ।।
हाशिए पर है अब मेरे ख्वाबों की हकीकत , ख्याल भी तेरा रहा ताउम्र जिंदगी भर ।
पूछता रहा सवाल कि क्यों खुद से रूठे हैं , असर तेरी मोहब्बत का जख्म बना रहा जिंदगी भर ।।