फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं
फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं
Me theek v aa
te buraa haal v ae
tu mere naal v ae
te mere kilaab v ae
jisda koi jawaab ni
tu mere dil da o sawaal v ae
meri zindagi lai
tu asaan v aa
te kamaal v ae
me theek v aa
te buraa haal v ae
ਮੈਂ ਠੀਕ ਵੀ ਆ
ਤੇ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਵੀ ਏ
ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਨਾਲ ਵੀ ਏ
ਤੇ ਮੇਰੇ ਖਿਲਾਫ ਵੀ ਏ
ਜਿਸਦਾ ਕੋਈ ਜਵਾਬ ਨੀ
ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦਾ ਓ ਸਵਾਲ ਵੀ ਏ
ਮੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਲਈ
ਤੂੰ ਆਸਾਨ ਵੀ ਆ
ਤੇ ਕਮਾਲ ਵੀ ਏ
ਮੈਂ ਠੀਕ ਵੀ ਆ
ਤੇ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਵੀ ਏ
ਸੁਖਦੀਪ ਸਿੰਘ ✍
ना कोई गुनाह किया , ना कोई मुकदमा हुआ..!
ना अदालत सजाई गई, ना कोई दलिले हुई..!
किस किस से मांगे हम गवाही वफ़ा कि !
उसने छोड़ा भरे बाज़ार हमे, ये ज़माना जानता है!