फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं
फूल…
महकती हुई जिन्दगी बांटते हैं
ज़माने में सबको ख़ुशी बांटते हैं
भले उनकी किस्मत में कांटे लिखे हों
मगर फूल हमको हंसी बांटते हैं
ham apana dard kisee ko kahate nahee,
vo sochate hain kee ham tanhaee sahate nahee,
aankhon se aansoo nikale bhee to kaise,
kyoki sookhe huve dariya kabhee bahate nahee…
हम अपना दर्द 😟 किसी को कहते नही,
वो सोचते हैं की हम तन्हाई सहते नही,
आँखों से आँसू निकले भी तो कैसे,
क्योकि सूखे हुवे दरिया कभी बहते नही…