
Dolat tu diti mainu ik pyaari shayari di
kive ehsaan chukawaa
ujhrre vehre saadde
mehak khilaari tu fullaan di bhari kiyaari di

Dolat tu diti mainu ik pyaari shayari di
kive ehsaan chukawaa
ujhrre vehre saadde
mehak khilaari tu fullaan di bhari kiyaari di
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਚਲਦਿਆ ਮੰਜਿਲ ਭਾਵੇਂ ਨਾ ਮਿਲੇ, ਪਰ ਵਾਅਦਾ ਰਿਹਾ ਸਫਰ ਯਾਦਗਾਰ ਰਹੂਗਾ |❤️
Tere naal chldiyan manjil bhave na mile, par Wada rhiya safar yaadgaar rhuga |❤️
सफर जारी है मंज़िल को पाने की।
जंग से लड़ना ही रीत है जहां की।।
बैठे रहने से कुछ भी नसीब नहीं ।
नसीब के भरोसे अकर्मण्यों ने ज़िन्दगी जियी।।
कर पूजन कर्म का तू।
मन में रख कर हौंसला । ।
हौंसला यदि हो बुलन्द।
तय होगा हर फासला।।
ज़िन्दगी समय से है , समय ही ज़िन्दगी ।
यूं न जाने दो समय को , नहीं मिलेगी कोई ख़ुशी।।
कर हर काम समय पर , ज़िन्दगी तुम्हे आसमान पर ला देगी ।
सफलता की सीढिया कदमों पर झुका देगी।।
लड़ो ज़िन्दगी की हर एक जंग से ।
न हारो वक़्त रूपी तुरंग से।।
पल पल अनमोल है ज़िन्दगी की ।
केवल परिश्रम हो तो मिलेगी हर ख़ुशी।।
मंज़िल को पाना आसान नहीं ।
पर मंज़िल को ही छोड़ देना हल नहीं । ।
पार कर राहों के कांटो को ।
बढ़ते रहो मंज़िल की ओर।।