Enjoy Every Movement of life!
मैं मौत के हुजूम में पल रहा हूँ
छाव मे ही सही पर काँटों पर चल रहा हूँ
बस से बाहर जा रहा है हालातों का दौर
जीने की ख़्वाहिश लिए पल पल मर रहा हूँ ….
जिंदगी इतने सितम ढाह रही है
और मैं एक मूठी चीनी लिए समुंदर मे फिर रहा हूँ ।
mere taa dukh v lokaa de kam aunde aa
meri akh ch hanju dekh… lok muskuraunde aa
ਮੇਰੇ ਤਾਂ ਦੁੱਖ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਆਉਂਦੇ ਆ,
ਮੇਰੀ ਅੱਖ ਚ ਹੰਝੂ ਦੇਖ… ਲੋਕ ਮੁਸਕਰਾਉਂਦੇ ਆ…
