Bahut kujh kehna si tainu
par je tu haal hi nahi samajh sakeyaa
galaa ki samjhegaa
ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ
ਪਰ ਜੇ ਤੂੰ ਹਾਲ ਹੀ ਨਹੀ ਸਮਝ ਸਕਿਆ
ਗੱਲਾਂ ਕੀ ਸਮਝੇਗਾ
Bahut kujh kehna si tainu
par je tu haal hi nahi samajh sakeyaa
galaa ki samjhegaa
ਬਹੁਤ ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ ਸੀ ਤੈਨੂੰ
ਪਰ ਜੇ ਤੂੰ ਹਾਲ ਹੀ ਨਹੀ ਸਮਝ ਸਕਿਆ
ਗੱਲਾਂ ਕੀ ਸਮਝੇਗਾ
हमें सफलता से प्रेम करने की आवश्यकता है। हम सब सफलता हासिल तो करना चाहते है लेकिन दूसरों की सफलताओं से ईर्ष्या भी करते हैं। यह तो वही बात हुई कि हम सफल होने के बारे में, कामयाबी के विषय में केवल सोचते हैं कोई एक्शन नहीं ले रहे हैं। वास्तव में हम दूसरों की सफलताओं से प्रेरणा लेने की तुलना में जलन की भावना से ज्यादा पीड़ित रहते हैं। नियम है सफलता ही सफलता को आकर्षित करती है। इसके लिए हमें सफलता से प्रेम करने की जरूरत है। किसी को आगे बढ़ते देख खुश होना एक सफल और संतुष्ट व्यक्ति की पहचान होती है। एक सच्चा विजेता ही दूसरे विजेता को सम्मान दे सकता हैं। इंसान के रूप में हमें जीवन को सरल और सौहार्द्र के साथ व्यतीत करने की आवश्यकता है।
हमें स्वयं ही प्रयास करना होगा कोई और हमारी सहायता नहीं कर सकता। हमें खुद को विकसित करने की आवश्यकता है।
हमारा तिरंगा
देश का प्रतीक है यह,
हर हिंदुस्तानी के नज़दीक है यह।
हर डर भुला देता है,
एक जोश जगा देता है।
सूरज सा ‘नारंगी’ तेज है इसमें,
शांति का ‘सफेद’ संदेश है इसमें।
इसमे खुशिओं की ‘हरियाली’ है,
यह चक्रवर्ती ‘चक्रधारी’ है।
वो फसलों सा लहराता है,
वो हर ऊंचाई से ऊपर जाता है।
एक बच्चे सा भोला है यह,
वक़्त पड़ने पर दहकता शोला है यह।
मित्रों का मीत है यह,
हर बुराई पर जीत है यह।
जीने का अंदाज़ है यह,
अपनी माटी का एहसास है यह।
इसकी अलग ही शान है,
यह हमारा तिरंगा महान है।।