Gale se lagana to mujhe
Khudko simat te dekhna Hai……!!
Bikhra hu mein har baar
Is baar sanwarte dekhna Hai……!!
गले से लगाना तो मुझे
खुदको सिमट ते देखना है..!!
बिखरा हूँ मैं हर बार
इस बार संवरते देखना है..!!
Gale se lagana to mujhe
Khudko simat te dekhna Hai……!!
Bikhra hu mein har baar
Is baar sanwarte dekhna Hai……!!
गले से लगाना तो मुझे
खुदको सिमट ते देखना है..!!
बिखरा हूँ मैं हर बार
इस बार संवरते देखना है..!!
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
na akhaan rahi vahe
na kagaj te likhiya jawe
eh dard na muke
dil mere nu jo andron khai jawe
ਨਾ ਅੱਖਾਂ ਰਾਹੀਂ ਵਹੇ
ਨਾ ਕਾਗਜ਼ ਤੇ ਲਿਖਿਆ ਜਾਵੇ
ਇਹ ਦਰਦ ਨਾ ਮੁਕੇ
ਦਿਲ ਮੇਰੇ ਨੂੰ ਜੋ ਅੰਦਰੋਂ ਖਾਈ ਜਾਵੇ