गलती उनकी नहीं है
जो आपको सता रहे है
गलती आप की है
जो आप उनके झांसे मे आ रहे है
गलती उनकी नहीं है
जो आपको सता रहे है
गलती आप की है
जो आप उनके झांसे मे आ रहे है
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Mana ki Andhere se roshani bhut khoobsurat hai aashayein usko dijiyega jise uski jarurat hai han sach hai aadmi apne dukho ko roshni ki aag me jalaa lete hai jisne manzil ki taraf chlana ho vo bina roshani bhi apne raah bna hi leta hai nhi mohtaaz roshani ki andhere ka dar seh jaye lekin andhere ka bhi waqt aata hai kyoki ye nhi ki roshani hamaare paas hamesha ke liye reh jaye
माना कि अंधेरे से रोशनी बहुत खूबसूरत है आशाएं उसे दीजिएगा जिसको उसकी ज़रूरत है हां सच है आदमी अपने दुखों को रोशनी की आग में जला लेता है जिसने मंज़िल की तरफ चलना हो वो बिना रोशनी भी अपने राह बना ही लेता है नही मोहताज़ रोशनी कि अंधेरे का डर सह जाए लेकिन अंधेरे का भी वक़्त आता है क्योंकि ये नही कि रोशनी हमारे पास हमेशा के लिए रह जाए