Hazara khushiya ghatt ne ikk gam bhulaun de lyi,
Ikk gam kaafi e zindagi gwaun de lyi..
ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਘੱਟ ਨੇ ਇੱਕ ਗਮ ਭੁਲਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ,
ਇੱਕ ਗਮ ਕਾਫੀ ਹੈ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਗਵਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ..
Hazara khushiya ghatt ne ikk gam bhulaun de lyi,
Ikk gam kaafi e zindagi gwaun de lyi..
ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਘੱਟ ਨੇ ਇੱਕ ਗਮ ਭੁਲਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ,
ਇੱਕ ਗਮ ਕਾਫੀ ਹੈ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਗਵਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ..
हर दिन वही सूरज निकलता है,
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।
हर रात वही चाँद भी चमकता है,
आसमान भी वही है और इंसान भी।
तो फिर हर दिन नया सा क्यों लगता है…
नई उम्मीद से जीने का हौसला कहाँ से मिलता है…
ये ख़ुदा, तेरी कुदरत का क्या कहें…
इंसान जितना भी पुराना हो,
ज़िंदगी का हर दिन एक नया सफ़र बन जाता है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Kade tu keha c
g bhar k vekh liya kar mainu
hun tan akh bhar jandi aa
par tu nazar na aundi
ਕਦੇ ਤੂੰ ਕਿਹਾ ਸੀ
ਜੀ ਭਰ ਕੇ ਵੇਖ ਲਿਆ ਕਰ ਮੈਨੂੰ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਅੱਖ ਭਰ ਜਾਂਦੀ ਆ
ਪਰ ਤੂੰ ਨਜ਼ਰ ਨਾ ਆਉਂਦੀ