गमों से मुलाकात हमारी है,
दिल से हारे हैं हम,
दिल के आइने में,
तस्वीर तुम्हारी हैं।
Enjoy Every Movement of life!
गमों से मुलाकात हमारी है,
दिल से हारे हैं हम,
दिल के आइने में,
तस्वीर तुम्हारी हैं।
एक बार ही जी भर क सज़ा क्यो नही देते?
में हरफ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यो नही देते?
मोती हूँ तो दामन में पिरो लो मुझे अपने,
आँसू हूँ तो पलकों से गिरा क्यूँ नही देते?
साया हूँ तो साथ ना रखने की वजह क्या?
पत्थर हूँ तो रास्ते से हटा क्यूँ नही देते?
kyoo baar baar taakte ho sheeshe ko,
nazar lagaoge kya meree iklautee muhabbat ko…
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को…