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Garm te Narm subhaah || 2 lines romantic shayari

O rishta v badha pyaara hunde
jis ch kudi garam te munda naram subhaa da hunda

ਓ ਰਿਸ਼ਤਾ ਵੀ ਬੜਾ ਪਿਆਰਾ ਹੁੰਦੈ❤,
ਜਿਸ ਚ ਕੁੜੀ ਗਰਮ ਤੇ ਮੁੰਡਾ ਨਰਮ ਸੁਭਾਅ ਦਾ ਹੁੰਦੈ😅..

Title: Garm te Narm subhaah || 2 lines romantic shayari

Tags:

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Khoobsoorat toh bahut ho || hindi shayari

खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं …
तेरा अंदर का दिल के दर्द का भी कोई जवाब नही ..
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
तेरा भीगी हुआ आंखो की नमी का भी कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
तेरा तमन्हा पूरी ना होना का भी कोई हिसाब नहीं
खुबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
हस्त हुए चेहरा के पीछे की खामोशी का भी कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नंही…
चमकता हुआ चेहरा के पीछे के अंधेरी दुनिया का कोई जवाब नंही….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
तेरी हसीन झुल्फो के पीछे छुपा हुआ उलझन का भी कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं…
पैरो का नीचा छुपा हुआ काटो का भी कोई जवाब नंही….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं….
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नहीं….
अपनो के लिए खुद को भूल जाने का भी कोई हिसाब नहीं…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही..
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तो कोई जवाब नही….
हाथो के मेहंदी के पीछे छुपी हुई अरमानों की लकीरों का भी कोई हिसाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…
खूबसूरत तो बहुत हो तुम तेरा कोई जवाब नही…

Title: Khoobsoorat toh bahut ho || hindi shayari


Khatam kar chika || hindi poetry sad

खत्म कर चुका खुद को अंदर से

बस  बाहर से जालना बाकी है

भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,

बस अपनों का आना बाकी है

जीते जी सबको हसाया बहोत है ,

बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।

याद करके  उसे ,रोये  बहोत है

जाते जाते उसे रुलाना बाकी है

खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ

जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।

यू ना रुखसत करो विरानियत से

अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,

यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से

बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।

Title: Khatam kar chika || hindi poetry sad