
Gawah ne sachii mohobbat de..!!

दूर से ही हाथ हिला के चला जाऊंगा।
मैं तुमसे नजरे मिला के चला जाऊंगा।
नजरअंदाज कर देना ज़माने की तरह तुम भी,
नशे में हूं चिल्लाऊंगा चिल्ला के चला जाऊंगा।
हर वजह खत्म कर दूंगा मैं अपने लौटने की,
मत सोचना कि उम्मीद दिला के चला जाऊंगा।
मिटा दूंगा हर एक निशानी मोहब्बत की,
मैं अपना आशियाना जला के चला जाऊंगा।
जिसकी खुशबू से महक उठे सारा जमाना,
मैं वो फूल चमन में, खिला के चला जाऊंगा।
याद रखो न रखो, फ़ैसला तुम्हारा है “शिवम”
मैं इक बार चेहरा, दिखला के चला जाऊंगा।
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Neend ton koi shikwa nai
jo aundi ni raat bhar
kasoor tan us chehre da
jo saun ni dinda raat bhar
ਨੀਂਦ ਤੋਂ ਕੋਈ ਸ਼ਿਕਵਾ ਨਹੀਂ
ਜੋ ਆਉਂਦੀ ਨੀ ਰਾਤ ਭਰ
ਕਸੂਰ ਤਾਂ ਉਸ ਚਹਿਰੇ ਦਾ
ਜੋ ਸੌਣ ਨਈ ਦਿੰਦਾ