Samaj ko dikhane or Khelne k liye layi hui gudiya hi the hum!
Par, Afsoos.
bananewale ne is gudiya k sine mai dil dalkar bhej diya!!
Samaj ko dikhane or Khelne k liye layi hui gudiya hi the hum!
Par, Afsoos.
bananewale ne is gudiya k sine mai dil dalkar bhej diya!!
करें परिंदे बात गगन में, आज पानी कहीं नहीं दिख रहा..
दूजा कहे, अरे दिखे कहां से, वो देख दुकान में बिक रहा..
गरमी है बहुत, अरे जाए कहाँ, बदन भट्टी जैसे सिक रहा..
प्यास लगी है बहुत मुझे, मगज एक जगह नहीं टिक रहा..
अरे कुछ तो कर पानी का भाई, ठंडा नहीं तो गरम पिला..
दौडाई नजर दूजे ने हर ओर, दोस्त का दुख उससे न झिला..
वो देख वहां शायद कुछ है, खुशी से अब चेहरा है खिला..
पानी थोडा, लड बेठे वो, पहले मुझे मिला.. पहले मुझे मिला..
Keep some water on the roof for birds in summer🙏