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Gira toh fir bhi || hindi shayari and kavita

गिरा तो फ़िर कभी,उठा ना मिला

बंदों का हुज़ूम था,खुदा ना मिला

ज़िस्म ना मिले,तो क्या हुआ यार

वो दिल से कभी, जुदा ना मिला

परिंदों के जैसा था, इश्क़ उसका

कोई वादा, कोई वास्ता ना मिला

ऐसे हुआ दिल पर,कब्ज़ा उसका

धड़कनों को भी, रास्ता ना मिला

उसके शाहपरस्त भी हैं,बादशाह

कोई भी पत्थर,तरास्ता ना मिला

Title: Gira toh fir bhi || hindi shayari and kavita

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tad royenga tu badha || Sad shayari two lines

true sad lines from heart || Ik din Yaad karenga tu saadhi chahat nu tad rayenga tu badha

Ik din Yaad karenga tu
saadhi chahat nu
tad rayenga tu badha



Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।

मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।

बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।

मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।

मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।

मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।

मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।

मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।

जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।

जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।

जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।

खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।

मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।

Title: Jab sath ho tum || hindi poetry || love poetry