“If you believe in a God who controls the big things, you have to believe in a God who controls the little things. It is we, of course, to whom things look ‘little’ or ‘big’”
“If you believe in a God who controls the big things, you have to believe in a God who controls the little things. It is we, of course, to whom things look ‘little’ or ‘big’”
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..
तेरी याद बडी जोरो से आई आज
तू कही मुझे बददुआ तो नही दे रही
हम ख्वाबों में आए होंगे कल रात को तेरे
तू कल रात से ही शोइ नही
कुछ बातो ने याद आके रुलाया आज
तू कही वो बाते किसे और से तो नही कर रही