

Mohabbat ne kya khub karwat badli
Ab Farak usse bhi nahi padta aur yaad hme bhi nahi aati…🥀🥀🥀
मोहोब्बत ने क्या खूब करवट बदली
अब फर्क उन्हें भी नहीं पड़ता और याद हमें भी नहीं आती…🥀🥀🥀
रोशनी भरी थी राहें मेरी, जाने कब अंधेरी हो गई..
मंजिल की तलाश में राहों से यारी, और भी गहरी हो गई..
जिन मंजिलों से लेना-देना ना था, वो बदली और मेरी हो गई..
गैर मंजिलों को इतना वक्त दिया के, खुद मंजिल मेरी खो गई..
खैर कोशिशों में कोई कमी ना थी, जो नाकाम मेरी हो गई..
मेरी मंजिल की तलाश अब भी जारी है, भले क्यूं ना देरी हो गई..
भले क्यूं ना देरी हो गई..