Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
Tiranga hamari shaan || independence day || ये तिरंगा ये हमारी शान है
ये तिरंगा ये तिरंगा ये हमारी शान है
विश्वभर में भारती की अमिट पहचान है
ये तिरंगा हाथ में ले पग निरंतर ही बढ़े
ये तिरंगा हाथ में ले दुश्मनों से हम लड़े
ये तिरंगा विश्व का सबसे बड़ा जनतंत्र है
ये तिरंगा वीरता का गूंजता इक मंत्र है
ये तिरंगा वन्दना है भारती का मान है
ये तिरंगा विश्व जन को सत्य का संदेश है
ये तिरंगा कह रहा है अमर भारत देश है
ये तिरंगा इस धरा पर शान्ति का संधान है
इसके रंगो में बुना बलिदानियों का नाम हैं
ये बनारस की सुबह है ये अवध की शाम है
ये कभी मन्दिर कभी ये गुरुओं का द्वार लगे
चर्च का गुम्बंद कभी मस्जिद की मीनार लगे
ये तिरंगा धर्म की हर राह का सम्मान है
ये तिरंगा बाइबिल है भागवत का श्लोक है
ये तिरंगा आयत ए कुरआन का आलोक है
ये तिरंगा वेद की पावन ऋचा का ज्ञान है
ये तिरंगा स्वर्ग से सुंदर धरा कश्मीर है
ये तिरंगा झूमता कन्याकुमारी नीर है
ये तिरंगा माँ के होठों की मधुर मुस्कान है
ये तिरंगा देव नदियों का त्रिवेणी रूप है
ये तिरंगा सूर्य की पहली किरण की धुप है
ये तिरंगा भव्य हिमगिरी का अमर वरदान है
शीत की ठंडी हवा ये ग्रीष्म का अंगार है
सावनी मौसम में मेघों का छलकता प्यार है
झंझावतों में लहराए गुणों की खान है
ये तिरंगा लता की इक कुठुकती आवाज है
ये रविशंकर के हाथों में थिरकता ताज है
टैगोर के जनगीत जन गण मन का ये गुणगान है
ये तिरंगा गांधी जी की शान्ति वाली खोज है
ये तिरंगा नेताजी के दिल से निकला ओज है
ये विवेकानंद जी का जगजयी अभियान है
रंग होली के है इसमें ईद जैसा प्यार है
चमक क्रिसमस की लिए यह दीप सा त्यौहार है
ये तिरंगा कह रहा ये संस्कृति महान है
ये तिरंगा अंडमानी काला पानी जेल है
ये तिरंगा शांति और क्रांति का अनुपम मेल है
वीर सावरकर का ये इक साधना संगान है
Title: Tiranga hamari shaan || independence day || ये तिरंगा ये हमारी शान है
Milaundi naa eh taqdeer || punjabi sad shayari
kaash tere to kade milaundi naa eh taqdeer
pyaar ghut jehr da hai gaaba
kaahde ne sant te fakir
peyaa jo es raah te rehnda na kujh kol
ja lutt gyaa yaa fir tutt gya aashq suneyaa me aakhir
ਕਾਸ਼ ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਕਦੇ ਮਿਲੋਂਦੀ ਨਾ ਏਹ ਤਕ਼ਦੀਰ
ਪਿਆਰ ਘੁੱਟ ਜੇਹਰ ਦਾ ਹੈ ਗਾਬਾ
ਕੇਹਂਦੇ ਨੇ ਸੰਤ ਤੇ ਫ਼ਕੀਰ
ਪੈ ਆ ਜੋ ਇਸ ਰਾਹ ਤੇ ਰਹਿੰਦਾ ਨਾ ਕੁਝ ਕੋਲ
ਜਾਂ ਲੁਟ ਗਿਆ ਯਾ ਫਿਰ ਟੁੱਟ ਗਿਆ ਆਸ਼ਕ ਸੁਣਿਆ ਮੈਂ ਅਖਿਰ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
