Gulab🥀🧿 || love Hindi shayari || pyar izhaar shayari was last modified: December 27th, 2022 by Kirti Raheja
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बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
तरुण चौधरी
ek arse baad wasal hui to use khush karne chala gya
usne duaa maangi meri maut ki, to me marne chalaa gya
एक अरसे बाद वस्ल हुई तो उसे खुश करने चला गया
उसने दुआ मांगी मेरी मौत की, तो मैं मरने चला गया
