Gulab🥀🧿 || love Hindi shayari || pyar izhaar shayari was last modified: December 27th, 2022 by Kirti Raheja
अंकुर मिट्टी में सोया था सपने मै खोया था
नन्हा बीज हवा ने लाकर एक जगह बोया था।
तभी बीज ने ली अंगड़ाई देह जरा सी पाई
आंख खोलकर बाहर आया, दुनिया पड़ी दिखाई
खाद्य मिली पानी भी पाया ऐसे जीवन आया
ऊपर बड़ा इधर, धरती में नीचे उधर समाया।
तने डालिया पत्ते आए और फल मुस्कराए
नन्हा बीज वृक्ष बनकर धरती पर लहराए।
जीता मरता रोगी होता दुख आने पर सोता
वृक्ष सांस लेता बढ़ता है जगता है फिर सोता।
रोज शाम को चिड़िया आती सारी रात बिताती
बड़े सवेरे जाग वृक्ष, पर ची ची ची ची गाती।
छाया आती बड़ी सुआती सब टोली झूट जाती
तरह तरह के खेल वर्क्ष के नीचे बैठ रचती।
Teriya chalakiya na fad sakiye
Asi enne vi anjaan nhi
Bas fark sirf enna e
Tenu sharam nhi te menu maan nhi 💯
ਤੇਰੀਆਂ ਚਲਾਕੀਆਂ ਨਾ ਫੜ ਸਕੀਏ
ਅਸੀਂ ਇੰਨੇ ਵੀ ਅਣਜਾਣ ਨਹੀਂ
ਬਸ ਫ਼ਰਕ ਸਿਰਫ਼ ਇੰਨਾ
ਤੈਨੂੰ ਸ਼ਰਮ ਨਹੀਂ ਤੇ ਸੰਦੀਪ ਮੈਨੂੰ ਮਾਣ ਨਹੀਂ💯