Kya karu mein un nasamjho ko apna haal-e-dil batakar
Jinko aksar mere jazbaat keval shabad lagte hain…..🙃😏
क्या करूँ मैं उन नासमझों को अपना हाल-ए-दिल बताकर जिनको अक्सर मेरे जज़्बात केवल शब्द लगते हैं….. 🙃😏
Kya karu mein un nasamjho ko apna haal-e-dil batakar
Jinko aksar mere jazbaat keval shabad lagte hain…..🙃😏
क्या करूँ मैं उन नासमझों को अपना हाल-ए-दिल बताकर जिनको अक्सर मेरे जज़्बात केवल शब्द लगते हैं….. 🙃😏
मेरी हर सांस तड़प रही है, तुझे ये बताने के लिए..
के अब तुझे मौका ना मिलेगा, मेरे दिल को सताने के लिए..
मैंने हुक्म दे दिया है दिल को, तेरी कीमत घटाने के लिए..
अब ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, तुझे अपने दिल से हटाने के लिए..
तेरा कोई हक ना होगा अब, मेरे दिल पर जताने के लिए..
अब तुझे जरूरत नहीं किसी वजह की, मेरे दिल से जाने के लिए….
Duaon se ho, darkhwast nhi ho,
Sath to ho mere par, aas paas nhi ho,
Aabad ho ye zameen fir se,esa koi karm kar de,
Ya rabba jhuk gya sir mera bhi, ab tk reham kar de…🙌🙏
दुआओं से हो, दरख़्वास्त नहीं हो,
साथ तो हो मेरे पर, आस पास नहीं हो…
आबाद हो ये ज़मीं फिर से, ऐसा कोई करम कर दे,
या रब्बा झुक गया सिर मेरा भी, अब तो रहम कर दे…🙌🙏