Jaane na kyu yeh ki hai khataa
Tohrta dil mera hue tum bewafa
Baata do na tere bina jeena zara
Haara hai hara tumse dil krega na
Mohabbat fir kabhi dobara
Jaane na kyu yeh ki hai khataa
Tohrta dil mera hue tum bewafa
Baata do na tere bina jeena zara
Haara hai hara tumse dil krega na
Mohabbat fir kabhi dobara
Duniya me aana bhi hey jaana bhi hey,
Daddy aapke bina duniya me rehna bhi hey,
Maa to ho jaati hey akeli jab koi na ho ghar pe saath,
Ek baar to dilado dilasa aap ho humare saath.❤️
दुनियां में आना भी है जाना भी है
डैडी आपके बिना दुनियां में रहना भी है
माँ तो हो जाती है अकेली जब कोई न हो घर पे साथ,
एक बार तो दिला दो दिलासा आप हो हमारे साथ ❤️
“सोचता हूँ, के कमी रह गई शायद कुछ या
जितना था वो काफी ना था,
नहीं समझ पाया तो समझा दिया होता
या जितना समझ पाया वो काफी ना था,
शिकायत थी तुम्हारी के तुम जताते नहीं
प्यार है तो कभी जमाने को बताते क्यों नहीं,
अरे मुह्हबत की क्या मैं नुमाईश करता
मेरे आँखों में जितना तुम्हें नजर आया,
क्या वो काफी नहीं था I
सोचता हूँ के क्या कमी रह गई,
क्या जितना था वो काफी नहीं था
“सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I
उनके मुँह से निकले सारे अल्फाजों को याद कर लूँ कभी I
ऐसी क्या मज़बूरी होगी उनकी की हम याद नहीं आते I
सोचता हूँ तोहफा भेज कर अपनी याद दिला दूँ कभी I
सोचता हूँ कभी पन्नों पर उतार लूँ उन्हें I